ज़मीर को 5 जुलाई से पहले जाँच टीम के समक्ष उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करना होगा। दरअसल, ज़मीर ने चुनाव के दौरान दिए गए हलफनामे में आईएमए के भगोड़ा मैनेजिंग डायरेक्टर मंसूर ख़ान से 5 करोड़ रुपए की संपत्ति ख़रीदने की जानकारी दी थी।
प्रवर्तन निदेशालय अब मंसूर ख़ान के ख़िलाफ़ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में जुट गया है। साथ ही उसके ख़िलाफ़ भगोड़े आर्थिक अपराध अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की कोशिश में है। बता दें कि मंसजूर ख़ान ईद के बाद से ही फ़रार है, पुलिस शिद्दत से उसकी तलाश में जुटी हुई है।
कर्नाटक कॉन्ग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वहाँ सियासी उठापटक तेज हो गई है। ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी (AICC) ने कर्नाटक की प्रदेश कमिटी को भंग करने का फैसला किया है। हालाँकि आश्चर्यजनक रूप से प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष...
कर्नाटक में मुस्लिमों के बीच जाना-पहचाना चेहरा रौशन बेग का नाम एक पोंज़ी स्कीम से जुड़ा है, जिसकी जाँच एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम कर रही है और शिकायतकर्ता निवेशकों की संख्या 38,000 पार हो चुकी है।
"मैं आपको बता नहीं सकता खुल के कि मैं किन समस्याओं का सामना कर रहा हूँ। मैं मुख्यमंत्री हूँ लेकिन मैं हर दिन जो दर्द सहता हूँ वह बाँट नहीं सकता। अगर मैं करूँगा (दर्द साझा) तो मुझ पर यह सवाल उठेगा कि मैं लोगों की समस्याएँ कैसे सुलझा रहा हूँ।"
एक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जिन 13,988 खातों से पैसे गायब हुए हैं, वह उन किसानों के हैं जो इस योजना के लिए तो अयोग्य थे लेकिन उनके खाते में धनराशि फिर भी स्थानांतरित हो गई। बैंकों को ऐसे खातों में जमा किए गए ₹60 करोड़ (लगभग) वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।
दोनों आरोपितों ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इस वीडियो को लोकसभा चुनाव के मतगणना के दिन फेसबुक पर शेयर किया गया था। आरोप है कि इस वीडियो में मुख्यमंत्री के बेटे एचडी कुमारस्वामी को भी गाली दी गई है।
कर्नाटक की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया था जब गुरुवार (16 मई) दोपहर से लापता चल रहीं कॉन्ग्रेस नेता रेशमा पडकानुरा की लाश विजयपुरा के कोल्हर गाँव में कृष्णा नदी के किनारे जंगलों में शुक्रवार (17 मई) को सुबह क़रीब छह बजे मिली थी।
रोजाना 17 लाख बच्चों का पेट भरने वाली एक संस्था को सिर्फ़ इसीलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि बच्चों को लहसुन-प्याज नहीं दिया जाता। सरकार द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर खड़ा उतरने के बावजूद 'मिड डे मील' में जाति घुसेड़ कर इसे बदनाम किया जा रहा है।
यदियुरप्पा ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि सिद्धारमैया ख़ुद अपने कुछ विधायकों को उनके पास भेज रहें हैं और वो राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।