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कर्नाटक: कॉन्ग्रेस की मुश्किलें बढ़ी, 2 MLA पहुँचे SC, BSP विधायक के साथ पर भी संशय

दोनों विधायकों ने SC में दाखिल याचिका में कहा है कि उन्हें डर है कि सीएम कुमारस्वामी सोमवार को मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देकर विश्वासमत को टालने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे समय में कॉन्ग्रेसी दिग्गज मंथन में जुटे हैं।

कर्नाटक में सियासी नाटक जारी है। तमाम उपायों के बाद भी मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। बता दें कि कुमारस्वामी को सोमवार (22 जुलाई, 2019) को विधानसभा में विश्वासमत साबित करना है। वहीं, इससे पहले रविवार को कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों ने कॉन्ग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायक एच नागेश और आर शंकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें दोनों विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से विश्वासमत के मामले में हस्तक्षेप करते हुए कर्नाटक सरकार को सोमवार को ही विश्वासमत साबित करने के आदेश देने की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों विधायकों ने SC में दाखिल याचिका में कहा है कि उन्हें डर है कि सीएम कुमारस्वामी सोमवार को मेडिकल इमरजेंसी का हवाला देकर विश्वासमत को टालने का प्रयास कर सकते हैं।

बता दें कि कर्नाटक में जहाँ कुमारस्वामी की सरकार बचाने के लिए एक-एक वोट जरूरी है। वहीं, कुछ रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के एकलौते विधायक एन महेश ने भी विश्वासमत से अपने हाथ खींच लिए हैं। एन महेश ने एक बयान में कहा, “मुझे कुछ व्यक्तिगत काम है, जिसके कारण मैं विधानसभा के सत्र में नहीं जा पाउँगा। मेरे आलाकमान ने मुझे विश्वास प्रस्ताव पर मतदान करने से रोक दिया है, इसलिए मैं सोमवार और मंगलवार को सत्र में भाग नहीं लूँगा। इस दौरान मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहूँगा।” ऐसे समय में कॉन्ग्रेसी दिग्गज मंथन में जुटे हैं। अब देखना यह है कि सियासत का यह घोड़ा किस करवट बैठता है।

बसपा ने बीते साल हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जेडीएस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था। इससे पहले कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को भी बहुमत परीक्षण नहीं हो पाया था। हालाँकि, यह भी कहा जा रहा है कि मायावती ने अपने एकमात्र विधायक को कुमारस्वामी के पक्ष में मतदान के लिए निर्देशित किया है।

राज्यपाल वजुभाई वाला की ओर से मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए शुक्रवार शाम 6 बजे तक का समय दिया गया था लेकिन कुमारस्वामी निर्धारित समय तक बहुमत साबित नहीं कर सके। बाद में कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार ने शुक्रवार को सदन की कार्यवाही 22 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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