Homeराजनीतिकर्नाटक: कल तय हो जाएगा सरकार का भाग्य, बागी विधायकों पर स्पीकर करेंगे फैसला

कर्नाटक: कल तय हो जाएगा सरकार का भाग्य, बागी विधायकों पर स्पीकर करेंगे फैसला

"आखिर क्यों विधायकों को मिलने का समय देकर भी स्पीकर उनसे नहीं मिले और विधयकों को अदालत का रुख करना पड़ा।"

कर्नाटक की कुमारास्वामी सरकार का भाग्य कल तय हो जाएगा जब स्पीकर रमेश कुमार 16 बागी विधायकों के इस्तीफे और उन्हें अयोग्य ठहराए जाने की याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे। इस आशय से सुप्रीम कोर्ट को जानकारी उनके वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को दी। सिंघवी बागी विधायकों में से अधिकाँश के द्वारा दाखिल उस याचिका के उत्तर में अदालत में पेश हुए थे, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि विधानसभा अध्यक्ष उनकी (विधायकों की) मर्जी के खिलाफ उन्हें विधायक बने रहने के लिए मजबूर कर रहे हैं। याचिका में यह भी कहा गया था कि ऐसा कर्नाटक में कुमारास्वामी सरकार को बचाने के लिए किया जा रहा है।

यथास्थिति का आदेश बदलने का अदालत से अनुरोध

सिंघवी ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अदालत से आग्रह किया कि वह अपना यथास्थिति बनाए रखने के पिछले आदेश में संशोधन करें ताकि स्पीकर विधायकों के भविष्य पर फैसला ले सकें। इसके अलावा उन्होंने अदालत को सूचित किया कि विधयकों को अयोग्य घोषित करने की कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी थी। अधिकाँश विधायक 11 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से स्पीकर के सामने पेश हुए थे। इस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने पूछा कि आखिर क्यों विधायकों को मिलने का समय देकर भी स्पीकर उनसे नहीं मिले और विधयकों को अदालत का रुख करना पड़ा। इस पर सिंघवी ने दावा किया कि ऐसा किसी भी विधायक के साथ नहीं किया गया था।

‘आज दोपहर तक इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश दिया जाए’

विधायकों की ओर से पेश वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत को बताया कि इस्तीफ़े स्वीकार करने में हीला-हवाली इसीलिए हो रही है कि इससे सरकार अल्पमत में आ जाएगी। उन्होंने अदालत से माँग की कि स्पीकर को दोपहर तक इस्तीफ़े स्वीकार कर लेने के लिए निर्देश दिया जाए। इस्तीफा और अयोग्यता दो अलग-अलग मसले हैं। स्पीकर पहले विधयकों के इस्तीफे स्वीकार कर लें, उसके बाद उनकी योग्यता के बारे में जो निर्णय लेना हो वह ले सकते हैं

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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