32 घंटे में भक्तों ने किया वृंदावन का पुनर्निर्माण, ‘खजाना खोजी’ बदमाशों ने की थी तोड़फोड़

कई संतों और विद्वानों की देखरेख में विभिन्न जगहों से आए 5000 से अधिक स्वयंसेवकों ने पुनर्निर्माण के कार्य में हिस्सा लिया। मंत्र जाप के बीच उन्होंने इस काम को अंजाम दिया।

कर्नाटक के हम्पी के करीब स्थित 16वीं सदी के संत व्यासराज स्वामी के वृंदावन का पुनर्निर्माण स्थानीय भक्तों और स्वयंसेवकों ने केवल 32 घंटे में कर दिया। संत व्यासराज विजयनगर के राजा कृष्णदेव राय के राजगुरु थे। वृंदावन में हाल ही में पवित्र स्थल पर बदमाशों ने तोड़फोड़ की थी। पुलिस ने इसके पीछे ‘खजाना खोजी’ बदमाशों का हाथ होने की आशंका जताई थी।

नव-वृंदावन में गुरुवार (18 जुलाई, 2019) को आषाढ़ एकादशी के मौक़े पर अज्ञात बदमाशों ने तोड़फोड़ की थी। पवित्र स्थल की खुदाई और तोड़फोड़ से पहले बदमाशों ने कुछ कर्मकांड भी किया था।

ख़बर के अनुसार, पुनर्निर्माण के बाद माधव सम्प्रदाय के स्वामियों ने अनुष्ठान भी किए।

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सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि स्वयंसेवकों ने वृंदावन के पुनर्निमाण का काम करने के बाद जश्न भी मनाया। कई संतों और विद्वानों की देखरेख में विभिन्न स्थानों के 5000 से अधिक स्वयंसेवकों ने पुनर्निर्माण गतिविधि में हिस्सा लिया। साइट पर लगातार मंत्र जाप के बीच उन्होंने इस काम को अंजाम दिया।

दक्षिण बेंगलुरु के भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्य ने शुक्रवार को इस मुद्दे को संसद में भी उठाया था। उन्होंने उपद्रवियों की तुरंत गिरफ्तारी की माँग की थी। इसके अलावा उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों जैसे सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी सलाह दी थी।

वृंदावन हम्पी के पास अनेगुंडी में स्थित है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। नव वृन्दावन में माधव परंपरा के 9 संतों की समाधियाँ हैं। इस परंपरा के मानने वाले लोग ब्राह्मण हैं, जो तमिलनाडु और कर्नाटक से लेकर गोवा तक बसे हुए हैं।

हम्पी में इस तरह की यह पहली घटना नहीं हैं। इससे पहले फरवरी 2019 में, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें तीन लोगों को 14वीं शताब्दी के विष्णु मंदिर के खंभों को तोड़ते हुए दिखाई पड़े थे।

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