बांग्लादेश में चल रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच 100 लोगों की मौत हो गई है। वहीं कई घायल हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी भी हैं। हिंसक भीड़ ने मुल्क के 19 पुलिस थानों को निशाना बनाया।
एक तरफ योगेंद्र यादव 'बाबासाहब के सपनों' की बात करते हुए जाति मिटाने की भी बात करते हैं, दूसरी तरफ ये भी चाहते हैं कि हर कोई अपनी जातिगत पहचान आगे करे। दोनों चीजें एक साथ कैसे हो सकती हैं?
बांग्लादेश के अलग-अलग हिस्सों में सिराजगंज में 18 की मौत, नरसिंगडी में 6, फेनी में 5, रंगपुर में 4, ढाका, मगुरा, पबना, किशोरगंज और बोगुरा में 3-3, मुंशीगंज और सिलहट में 2-2, बरिशाल, सावर और कुमिला में एक-एक लोगों की मौत हो गई है।