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विरोध शेख हसीना की सरकार का, लेकिन हिंदुओं को निशाना बना रहे इस्लामी कट्टरपंथी: बांग्लादेश में इस्कॉन-काली मंदिर पर हमला, 1 ही थाने में 13 पुलिसकर्मियों की हत्या

सबसे भीषण हमला सिराजगंज के इनायतपुर पुलिस थाने पर हुआ है। यहाँ 13 पुलिसकर्मियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी इनायतपुर थाने पर मार्च करते हुए आए और यहाँ हमला किया। इसके बाद इन्होंने स्टेशन पर आग लगा दी और पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया।

बांग्लादेश में इस समय शेख हसीना सरकार के इस्तीफे की माँग को लेकर प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच 100 लोगों की मौत हो गई है। वहीं सैंकड़ों घायल हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी भी हैं। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन के बीच 19 पुलिस थानों समेत 26 पुलिस संबंधित जगहों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इस प्रदर्शन में हिंदुओं के घरों, उनके मंदिरों को भी चुन-चुन कर अटैक किया जा रहा है।

स्थानीय मीडिया की मानें तो पुलिस की जिन जगहों पर हमला हुआ है उसमें चार जिलों के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय, मैमनसिंह में रेंज डीआईजी का कार्यालय और दो पुलिस चौकियाँ भी हैं। इन जगहों पर हुए हमले की जानकारी बांग्लादेश पुलिस ने रविवार को दी।

सबसे भीषण हमला सिराजगंज के इनायतपुर पुलिस थाने पर हुआ है। यहाँ 13 पुलिसकर्मियों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। एडिशनल डीआईजी ने इस संबंध में बताया कि प्रदर्शनकारी इनायतपुर थाने पर मार्च करते हुए आए और यहाँ हमला किया। इसके बाद इन्होंने स्टेशन पर आग लगा दी और पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया।

इनायतपुर के अलावा बताया जा रहा कोमिला में रविवार (4 अगस्त 2024) को हुए हमले में 14 पुलिसकर्मियों को मारा गया है। इसमें एक पुलिसकर्मी हाईवे पुलिस का भी था। कुल मिलाकर बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन के बीच एक ही दिन में करीबन 300 पुलिसकर्मी घायल हुए।

वहीं सामने आई रिपोर्टों से ये भी पता चलता है कि इस्कॉन और काली मंदिर सहित हिंदुओं के घरों को भी निशाना बनाया गया जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कर्फ्यू लगाना पड़ा। इसके अलावा सरकारी प्रतिष्ठानों को भी तीन दिन के लिए बंद करना पड़ा। सेना आश्वासन दे रही है कि वो स्थिति को नियंत्रित कर लेंगे। हालाँकि उनके एक्शन से ऐसा लग नहीं था। रविवार को जब हर जगह प्रदर्शनकारी हिंसक थे तब जाकर उन्होंने हवा में गोलियाँ चलाईं ताकि भीड़ तितर-बितर हो। इससे पहले भीड़ प्रधानमंत्री शेख हसीना के चचेरे भाई के घर को आग के हवाले कर चुकी थी। इसके अलावा वो शेख मुजीबुर रहमान की मूर्ति को भी तोड़ चुकी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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