मौलाना अबुल कलाम का राष्ट्रीयता और भारतीयता में गहरा यकीन था। उन्होंने धर्म के आधार पर देश के विभाजन का विरोध किया था। पाकिस्तान परस्मुतों को चेताया था। शायद यही कारण है कि इरफान हबीब जैसे वामपंथी उनका नाम सुनते ही आपा खो बैठते हैं।
वरुण ग्रोवर की कविता 'कागज नहीं दिखाएँगे' को काटती बहुत अच्छी कविताओं में से एक कविता है ऊर्वी सिंह की। यह लखनऊ के एक कॉलेज में अंग्रेज़ी की सहायक अध्यापिका हैं। सुनिए उनकी कविता, उन्हीं की आवाज में, जो तोड़ती है छद्म लिबरलों और स्वघोषित बौद्धिकता का भाव पाले बैठे लोगों का घमंड।
दोनों ने एक नौसेना अधिकारी के दो बच्चों का अपहरण किया। मगर टुच्चे कार चोरों से अपहरण जैसा बड़ा अपराध संभला नहीं। बेटा छोटा था, पकड़े जाने के डर से संजय चोपड़ा नाम के इस बच्चे की नृशंस हत्या कर दी दोनों ने मिलकर। बड़ी बहन गीता को भी बलात्कार के बाद मार डाला। इन्हीं दोनों को अरुंधति 'हीरो' के तौर पर...
अरुंधति रॉय ने कहा कि पीएम मोदी ने जानबूझ कर झूठ बोला क्योंकि उन्हें पता है कि मीडिया उनके हाथ में है, जो सच्चाई नहीं दिखाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस मुस्लिमों के घर-घर जाकर उन्हें लूट रही है।
पर्यावरण एक्टिविस्ट मेधा पाटेकर भी विरोध करने पहुँचीं, लेकिन पाक से आए हिन्दू शरणार्थियों ने उन्हें खदेड़ दिया। शरणार्थियों ने मेधा पाटेकर को खदेड़ते हुए कहा कि जो लोग CAA का विरोध कर रहे हैं, वो पाकिस्तान में रह कर दिखाएँ।
वामपंथी मंत्री ने एक्टिविस्ट बिंदु अम्मिणी पर हुए हमले को नाटक करार दिया। उन्होंने कहा कि ये सब पूर्व-नियोजित ड्रामा था। बता दें कि बिंदु सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने के लिए जा रही थीं, तभी किसी व्यक्ति ने उनपर मिर्ची स्प्रे से हमला कर दिया था।
"JNU छात्रावास में रहने वाले करीब 6000 छात्रों में से 5371 को फेलोशिप या छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक मदद मिलती है। छात्रावास मेस न हानि न लाभ के सिद्धांत पर चलता है। लेकिन जब तीन करोड़ रुपए बकाया हो तो इनका संचालन कैसे और कब तक होगा?"
"JNUTA प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को तो अपना समर्थन दे रहा है, मगर जिन शिक्षकों को स्टूडेंट्स ने कुछ दिनों पहले बंधक बनाया था या उनके और उनके परिवारजनों के साथ बदसलूकी की थी, उनके खिलाफ असोसिएशन कोई कार्यवाही तो दूर, निंदा तक नहीं कर रहा।"
गरीबों के बच्चों की बात करने वाले ये भी बताएँ कि वहाँ दो बार MA, फिर एम फिल, फिर PhD के नाम पर बेकार के शोध करने वालों ने क्या दूसरे बच्चों का रास्ता नहीं रोक रखा है? हॉस्टल को ससुराल समझने वाले बताएँ कि JNU CD कांड के बाद भी एक-दूसरे के हॉस्टल में लड़के-लड़कियों को क्यों जाना है?
पटना के इस हनुमान मंदिर का संचालन महावीर ट्रस्ट करता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल इसके अध्यक्ष हैं। मंदिरों में दलित पुजारियों की नियुक्ति के सामाजिक परिवर्तन में उनका बड़ा योगदान है। अयोध्या मामले से भी वे जुड़े रहे हैं।