महाराष्ट्र में अब तक राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP), कॉन्ग्रेस और शिवसेना के बीच सरकार गठन को लेकर कोशिशें की जा रही थी। इसके लिए 22 नवंबर को तीनों पार्टियों के बीच दो घंटे तक बैठक भी हुई। इस बैठक में उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनी थी लेकिन...
“हम किसानों की समस्या को हल करने के लिए साथ आए हैं। नतीजे आने के दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं थी, महाराष्ट्र किसान मुद्दे सहित कई समस्याओं का सामना कर रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।”
उद्धव ठाकरे ने बैठक के बाद कहा कि तीनों दल किसी भी मुद्दे को टालना नहीं चाहते हैं और सभी मसलों पर आम सहमति के बाद ही काम किया जाएगा। शरद पवार ने साफ़ कर दिया है कि महाराष्ट्र की नई सरकार का नेतृत्व उद्धव ठाकरे करेंगे।
अब्दुल सत्तार ने कहा कि ये चेतावनी भी है और धमकी भी, क्योंकि शिवसेना के विधायकों को अगर कोई फोड़ना चाहता हो तो उसको चेतावनी देना शिवसेना का स्टाइल है। और शिवसेना सिर्फ चेतावनी नहीं देती है, वक्त आने पर शिवसेना ये सारी चीजे करने में कहीं पर कम नहीं पड़ती है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के ख़राब शासन का अंत करने के लिए शिवसेना का समर्थन करना ज़रूरी था। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने शिवसेना को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
"शिवसेना ने हिंदुत्व की रक्षा के नाम पर वोट माँगा था। इसके उलट नतीजे आने के बाद शिवसेना अपने खिलाफ चुनाव लड़ने वाली पार्टियों के साथ सरकार बनाने की कोशिश कर रही है जबकि उसने भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनाने के नाम पर वोट माँगा था।"
कॉन्ग्रेस शिवसेना की कट्टर हिन्दुत्व की छवि से संशय में है और वो चाहती है कि इस सन्दर्भ में CMP में एक स्पष्ट संदेश शामिल किया जा सके, जिससे नई सरकार के गठन में किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
राउत की मानें तो गुरुवार दोपहर तक महाराष्ट्र में सरकार गठन की तस्वीर साफ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा इतंजार करने की ज़रूरत नहीं है, सरकार गठन में बस 5-6 दिन और लगेंगे।
महाराष्ट्र में फिलहाल राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है। आज राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस संबंध में रिपोर्ट रखेंगे। एनसीपी और कॉन्ग्रेस के नेताओं के बीच होने वाली बैठक पर भी सबकी नजरें टिकी है। शिवसेना ने अपने सभी विधायकों को आधार कार्ड के साथ मुंबई तलब किया है।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए शिवसेना के एनसीपी से गठबंधन की भी खबर सामने आई थी। मगर इस पर एनसीपी ने खुद सोनिया गाँधी और उनकी पार्टी का मुँह ताकना शुरू कर दिया।