इन दिनों सोशल मीडिया पर एक फैक मैसेज वायरल हो रहा है। मैसेज में दावा किया गया है कि मोदी सरकार ने 12 साल से ऊपर के बच्चों के लिए भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दे दी है।
तबीयत बिगड़ने के बाद अली हसन को अस्पताल लाया गया, वहाँ 14 लीटकर ऑक्सीजन दी गई। लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।