जब बर्बरता तुम्हारी शिक्षा की आधारशिला है, हत्या तुम्हारे लिए एक सम्मानजनक कर्म है, बलात्कार पुण्य और काफिरों के धार्मिक स्थल तोड़ना जन्नत-उल-फिरदौस में कमरे रिजर्व करवाता है, फिर कोई सामान्य बुद्धि-विवेक वाला तुमसे या तुम्हारे मजहब को स्नेहाशिक्त भाव से कैसे देख सकता है?
अपनी गलती मानते हुए भी आरोप आप ही पर कि आगे ये लोग दंगा कर देंगे, हिंसा कर देंगे, इसलिए हमने हटाया वरना विज्ञापन में तो ऐसा कुछ है नहीं, जो नहीं समझे उन्हीं की गलती है।
इंडिया टुडे ग्रुप ने एक अंतरिम सोशल मीडिया एडवाइजरी जारी किया है। जिसमें ग्रुप से जुड़े किसी को भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी निजी राजनीतिक विचार साझा करने से मना किया है।
इंडिया टुडे ने बड़े ही शातिर तरीके से किसी तरह के प्रेम संबंध का उल्लेख न करते हुए इसे दोस्ती करार दिया, ताकि 'अंतरधार्मिक प्रेम संबंध' का विवरण देने से आसानी बचा जा सके।