Wednesday, June 26, 2024
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लड़की की जगह बिस्तर पर देखने वाले… मुस्लिम परिवार में हिन्दू बहू को खुश नहीं देख सकते: आरफा को लोगों ने याद दिलाई कु#न

ट्विटर यूजर्स ने आरफा खानम के ट्वीट के जवाब में इस्लाम की पवित्र पुस्तक कुरान की ही एक पंक्ति का स्क्रीनशॉट ट्वीट किया, जिसमें इस्लाम के अनुयायियों को महिलाओं और उनकी सेक्सुएल्टी पर अधिकार के निर्देश दिए गए हैं।

तनिष्क ज्वैलरी के विवादित वीडियो ‘तनिष्क एकत्वम’ के चर्चा में आने, उस पर हुए विवाद के होने और उसके नाम पर NDTV द्वारा चलाई जा रही ‘साम्प्रदायिक फेक न्यूज़’ की भरपाई में अब पूरी लिबरल जमात जुट गई है। इस भरपाई के लिए मोर्चा संभालने वालों में एक नाम प्रोपेगेंडा वेबसाइट ‘दी वायर’ की कथित जर्नलिस्ट आरफ़ा खानम शेरवानी का भी है। लेकिन इस भरपाई के लिए आरफा खानम शेरवानी ने एकबार फिर हिन्दू-घृणा का मार्ग चुनना पसंद किया।

तनिष्क के वीडियो पर जारी विवाद के बीच आरफा खानम शेरवानी ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में आरफा खानम ने लिखा- “लड़की को माँ की कोख में मार देने वाले, दहेज के नाम पर ज़िंदा जला देने वाले, लड़की की ‘सही’ जगह रसोई व बिस्तर के परे न देख पाने वाले कैसे बर्दाश्त करेंगे, एक मुस्लिम घर में हिंदू बहू को प्यार-सम्मान मिले और उसकी पहचान भी सुरक्षित रह पाए। ये लड़कियों के, उनकी आज़ादी के दुश्मन हैं।”

आरफा खानम की कोशिश इस ट्वीट में हिन्दुओं के प्रति अपनी भड़ास निकालने की थी यह बात छुपी हुई नहीं है लेकिन उनके इस ट्वीट पर कुछ लोगों ने उन्हें याद दिलाया कि आरफा का यह ट्वीट तो खुद उन्हीं के मजहब यानी, इस्लाम पर हमला है।

PureWoke नाम के एक ट्विटर यूजर ने आरफा खानम के ट्वीट के जवाब में इस्लाम की पवित्र पुस्तक ‘कुरान’ की ही एक पंक्ति का स्क्रीनशॉट ट्वीट किया जिसमें इस्लाम के अनुयायियों को महिलाओं और उनकी सेक्सुएल्टी पर अधिकार के निर्देश दिए गए हैं –

इस्लाम की पाक किताब से ली गई इन पंक्तियों का हिंदी अर्थ कुछ इस तरह से है –

इसके अलावा, दुर्भाग्य से हिन्दुओं को निशाना बनाने के बजाय आरफा खानम का यह ट्वीट उनके ही खिलाफ जाता नजर आया और लोगों ने उन्हें याद दिलाया कि उनका यहाँ ट्वीट पूरी तरह से किसी धर्म के खिलाफ है। आरफा खानम शेरवानी लगातार इस पर सफाई देती नजर आ रही हैं कि उनका ऐसा विचार नहीं था।

इसी की सफाई में आरफा खानम ने लिखा, “पितृसत्ता को जब चोट लगती है तो वो धार्मिक बँटवारे का सहारा लेती है। ऊपर वाली ट्वीट किसी भी तरह हिंदू धर्म पर टिप्पणी नहीं है। बल्कि उस सोच पर है जो एक महिला को उसकी मर्ज़ी का जीवन जीने, जीवनसाथी चुनने के अधिकार से वंचित करती है, और महिला के शरीर व सेक्सुएलिटी पर क़ब्ज़ा चाहती है।”

हिन्दुओं को निशाना बनाकर लिखी गई इन बातों पर आरफा खानम लोगों को जवाब देती नजर आ रही हैं –

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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