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Media Hypocrisy

हिंदुओं के रेप में जाति का समीकरण परोसता मीडिया, TRP के लिए 13 साल पहले ही दिख गया था मीडिया का गिद्ध रूप

जातियों का कोण समाचारों में तभी नजर आता है, जब मामला हिन्दुओं का हो। दूसरे समुदायों के बलात्कारियों की खबर अगर चलती भी है तो मजहब या जाति...

हाथरस टेप लीक मामले में सवाल पूछने पर इंडिया टुडे कर रहा यूजर्स को ब्लॉक: लोगों ने शेयर किए स्क्रीनशॉट

"एक सच्चे पत्रकार को कॉल टैपिंग से कभी डर नहीं लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर पत्रकार "लीक" से डरता है तो इसका मतलब है कि वह कुछ छिपा रहा है या नहीं चाहता कि सच्चाई सामने आए।"

‘घटना के वक्त एक आरोपित गाँव में नहीं था’: पत्रकार का ऑडियो लीक होने के बाद हाथरस केस में इंडिया टुडे का यू-टर्न

आजतक ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि आरोपितों में से एक रामू उर्फ राजकुमार घटना के वक्त गाँव में मौजूद ही नहीं था।

दलितों को भड़काने की साजिश: हाथरस के बहाने बिहार चुनाव साधने चला विपक्ष, साथ में मीडिया गिरोह भी

सियासत की इस पिच का नाम है बिहार। प्रैक्टिस उत्तर प्रदेश के हाथरस में हो रही। 'दलित प्रेम' को गेंद बनाकर विपक्ष और उसकी वफादार मीडिया उछाल रही है।

हाथरस केस: फोन टैपिंग और नार्को टेस्ट के संदर्भ में कुछ बातें

पहले तो आप यह तय कीजिए कि आपको मतलब किस बात से है? पत्रकार/पीड़ित के फोन रिकॉर्ड होने से, या इस बात से कि वहाँ दंगा न फैले, पीड़ित परिवार को न्याय मिले?

हाथरस केस: इंडिया टुडे ने कबूला लीक ऑडियो तनुश्री का ही, मृतका के भाई से कहलवाना चाहती थी ‘दबाव’ की बात

हाथरस केस में हमने कुछ लीक ऑडियो पर रिपोर्ट की थी। इसमें से एक ऑडियो में इंडिया टुडे की पत्रकार तनुश्री पांडेय मृतका के भाई संदीप से ऐसा स्टेटमेंट देने के लिए बोल रही थीं, जिसमें मृतका के पिता आरोप लगाए कि उनके ऊपर प्रशासन की ओर से बहुत दबाव था।

हाथरस केस: इंडिया टुडे की पत्रकार का लम्बा ऑडियो लीक, पीड़िता के भाई से कहलवाना चाहती है ‘प्रशासन डाल रही दबाव’

"संदीप एक वीडियो अपने पिता की बनाओ जिसमें वो कहें 'हाँ, मुझ पर ऐसा बयान जारी करने का बहुत प्रेशर था कि मैं संतुष्ट हूँ।"

इंडिया टुडे के राहुल कँवल, हिन्दी नहीं आती कि दिमाग में अजेंडा का कीचड़ भरा हुआ है?

हाथरस के जिलाधिकारी और मृतका के पिता के बीच बातचीत के वीडियो को राहुल कँवल ने शब्दों का हेरफेर कर इस तरह पेश किया है, जैसे उन्हें धमकाया जा रहा हो।

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

दिल्ली दंगों की चार्जशीट में कपिल मिश्रा ‘व्हिसल ब्लोअर’ नहीं: साजिश से ध्यान हटाने के लिए मीडिया ने गढ़ा झूठा नैरेटिव

दंगों पर दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में कपिल मिश्रा को 'व्हिसल ब्लोअर' नहीं बताया गया है। जानिए, मीडिया ने कैसे आपसे सच छिपाया।

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