Saturday, February 27, 2021
Home विचार मीडिया हलचल कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले...

कठुआ कांड की तरह ही मीडिया लिंचिंग की साजिश तो नहीं? 31 साल पहले भी 4 नौजवानों ने इसे भोगा था

क्या कठुआ की तरह बुद्धि-पिशाचों ने फिर एक बेक़सूर की मीडिया लिंचिंग की तैयारी की है? जब तक मामला अदालत की सुनवाई तक नहीं पहुँचता, तब तक बुद्धिपिशाचों के नोंचने के लिए कुछ नौजवान तो हैं। फिर अदालत से बरी हुए भी तो क्या, उसे ये “इंसाफ की हत्या” कह देंगे!

शहर एक नए किस्म के अपराधियों से परेशान था। ये लड़कों के छोटे-छोटे समूहों में होते थे और लोगों पर हमला कर उनके साथ मारपीट और लूटपाट किया करते थे। ‘वाइल्डिंग’ नाम के ऐसे समूह 1989 के दौर में अमेरिका के न्यूयॉर्क में खासे कुख्यात थे।

न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क में वसंत की एक शाम 1989 में ऐसे ही एक ‘वाइल्डिंग’ गिरोह के हमले की खबर आई। इसे ‘सेंट्रल पार्क जॉग्गर केस’ बुलाया जाता है। तृषा मिली नाम की 28 साल की एक युवती जो शाम के वक्त जॉगिंग करने गई थी, उस पर हमला कर उसे बेहोश कर दिया गया और फिर उसके साथ बलात्कार किया गया था।

उस शाम ये इकलौता हमला नहीं था। उस शाम ‘वाइल्डिंग’ गिरोहों ने सेंट्रल पार्क में ही 8 दूसरे हमले किए थे। कई लोगों को चोटें आई थीं, और लूटपाट भी हुई थी। इस बलात्कार की घटना पर हंगामा मच गया। न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट के साथ-साथ फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) पर भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का दबाव था। अमेरिका के लिए 80-90 के दशक नारीवादी आंदोलनों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा के बढ़ते मामलों का दौर था तो सभी नारीवादियों ने इस मामले पर जमकर लिखा-बोला।

अमेरिकी (और इसाई) लोगों पर जो रंगभेद के आरोप लगते हैं, उसने भी अपनी भूमिका निभाई। पीड़िता गोरी थी और 5 लड़के जो इस मामले में पकड़े गए थे, वे सभी अश्वेत थे। गिरफ्तार लड़कों में से सिर्फ कोरी वाइज ही 16 साल का था। बाकी चारों कम उम्र के थे इसलिए उन्हें जुविनाइल होम में सजा काटने भेजा गया। कोरी वाइज को जेल में डाल दिया गया। इन लोगों को 5 से 15 वर्ष तक की सजा हुई थी। अपराधियों ने अपना जुर्म स्वीकार लिया था, सजा हो गईं, लेकिन वो डीएनए टेस्टिंग का दौर नहीं था। बलात्कार एक ने किया था या सभी ने ये भी पता नहीं चला।

कई वर्ष बीत गए और 2001 में एक दिन मटियास रीज़ ने स्वीकार किया कि 29 अप्रैल 1989 की शाम इन लड़कों ने नहीं, बल्कि उसने अकेले ही तृषा मिली का बलात्कार किया था! इस बयान के आधार पर मामले की जब दोबारा जाँच हुई तो पता चला कि सचमुच ऐसा ही था।

गिरफ्तार करके सजा भुगतने वाले पाँचों लड़कों के सभी रिकॉर्ड से उनके जेल जाने और बलात्कार के अपराधी होने को मिटाया गया। इन्हें जो 41 मिलियन डॉलर का मुआवजा मिला, वो न्यूयॉर्क शहर के इतिहास में सबसे ज्यादा था। ओपरा विनफ्रे ने हाल ही में इन लड़कों की कहानी पर एक डॉक्यूमेंट्री श्रृंखला “व्हेन दे सी अस” बनाई है जो कि खासी चर्चित भी रही।

भारत के लिहाज से ऐसी घटनाओं को देखें तो फिल्मों के जरिए जो नैरेटिव गढ़ा जाता है उसका ठाकुर अत्याचारी, लाला पैसे चुराने वाला कपटी और ब्राह्मण धूर्त ही दिखाते हैं। ऐसे में जब शोषित समाज के वंचित कहे जाने वाले तबकों से हो और आरोपित तथाकथित ऊँची मानी जाने वाली जातियों से, तो मीडिया लिंचिंग के लिए एक बढ़िया मौका तैयार हो जाता है।

खुद को नारीवादी घोषित करते बुद्धिपिशाच मामले में जाति का एंगल घुसेड़ते हैं। परंपरागत रूप से हिन्दू समाज में होने वाले तथाकथित शोषण का तड़का और ‘बेटियाँ बचेंगी क्या?’ के सवाल का छौंका लगाते हैं। अपराध के अनुसंधान से पहले ही मामले में आरोपित को अपराधी घोषित कर दिया जाता है।

वैसे देखा जाए तो इसमें कानूनों का दोष भी कम नहीं है। आम अपराधों की तरह बलात्कार में ‘अपराध सिद्ध होने तक निर्दोष (Innocent until proven guilty)’ के सिद्धांत पर नहीं, बल्कि ‘स्वयं को निर्दोष सिद्ध करने तक अपराधी (Guilty until proven otherwise)’ के सिद्धांत पर मुकदमा चलता है।

हाथरस कांड के आरोपितों में से एक, रामकुमार के पिता बताते हैं कि रामकुमार 14 सितंबर को हर रोज की तरह सुबह 7 बजे फैक्ट्री के लिए निकला था। वहाँ के सीसीटीवी और हाजिरी के रजिस्टर की जाँच होगी।

क्या कठुआ की तरह बुद्धि-पिशाचों ने फिर एक बेक़सूर की मीडिया लिंचिंग की तैयारी की है? जब तक मामला अदालत की सुनवाई तक नहीं पहुँचता, तब तक बुद्धिपिशाचों के नोंचने के लिए कुछ नौजवान तो हैं। फिर अदालत से बरी हुए भी तो क्या, उसे ये “इंसाफ की हत्या” कह देंगे!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Anand Kumarhttp://www.baklol.co
Tread cautiously, here sentiments may get hurt!

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

केंद्र के हिसाब से हुआ है चुनाव तारीखों का ऐलान: चुनाव आयोग पर भड़कीं ममता बनर्जी, लिबरल भी बिलबिलाए

"सरकार ने लोगों को धर्म के नाम पर तोड़ा और अब चुनावों के लिए तोड़ रही है, उन्होंने केवल 8 चरणों में चुनावों को नहीं तोड़ा बल्कि हर चरण को भी भागों में बाँटा है।"

2019 से अब तक किया बहुत काम, बंगाल में जीतेंगे 200 से ज्यादा सीटें: BJP नेता कैलाश विजयवर्गीय

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा अपनी जीत के प्रति आश्वस्त होते हुए कहा कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों को विश्वास नहीं था कि भाजपा इतनी ताकतवर है लेकिन अब शंका दूर हो गई है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों का हुआ ऐलान, बंगाल में 8 चरणों में होगा मतदान: जानें डिटेल्स

देश के पाँच राज्य केरल, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में कुल मिलाकर इस बार 18 करोड़ मतदाता वोट देंगें।

राजदीप सरदेसाई की ‘चापलूसी’ में लगा इंडिया टुडे, ‘दलाल’ लिखा तो कर दिए जाएँगे ब्लॉक: लोग ले रहे मजे

एक सोशल मीडिया अकॉउटं से जब राजदीप को 'दलाल' लिखा गया तो इंडिया टुडे का आधिकारिक हैंडल बचाव में आया और लोगों को ब्लॉक करने लगा।

10 साल पहले अग्रेसिव लेंडिंग के नाम पर किया गया बैंकिंग सेंक्टर को कमजोर: PM मोदी ने पारदर्शिता को बताया प्राथमिकता

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास इसका मंत्र फाइनेंशल सेक्टर पर स्पष्ट दिख रहा है। आज गरीब हो, किसान हो, पशुपालक हो, मछुआरे हो, छोटे दुकानदार हो सबके लिए क्रेडिट एक्सेस हो पाया है।

हिन्दुओं के आराध्यों का अपमान बन गया है कमाई का जरिया: तांडव मामले में अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

तांडव वेब सीरीज के विवाद के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमजॉन प्राइम वीडियो की हेड अपर्णा पुरोहित की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है।

प्रचलित ख़बरें

आमिर खान की बेटी इरा अपने संघी हिन्दू नौकर के साथ फरार.. अब होगा न्याय: Fact Check से जानिए क्या है हकीकत

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आमिर खान की बेटी इरा अपने हिन्दू नौकर के साथ भाग गई हैं। तस्वीर में इरा एक तिलक लगाए हुए युवक के साथ देखी जा सकती हैं।

‘अंकित शर्मा ने किया हिंसक भीड़ का नेतृत्व, ताहिर हुसैन कर रहा था खुद का बचाव’: ‘द लल्लनटॉप’ ने जमकर परोसा प्रोपेगेंडा

हमारे पास अंकित के परिवार के कुछ शब्द हैं, जिन्हें पढ़कर आज लगता है कि उन्हें पहले से पता था कि आखिर में न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन उसके बदले अंकित को दंगाई घोषित जरूर कर दिया जाएगा।

सतीश बनकर हिंदू युवती से शादी कर रहा था 2 बच्चों का बाप टीपू: मंडप पर नहीं बता सका गोत्र, ट्रू कॉलर ने पकड़ाया

ग्रामीणों ने जब सतीश राय बने हुए टीपू सुल्तान से उसके गोत्र के बारे में पूछा तो वह इसका जवाब नहीं दे पाया, चुप रह गया। ट्रू कॉलर ऐप में भी उसका नाम टीपू ही था।

शैतान की आजादी के लिए पड़ोसी के दिल को आलू के साथ पकाया, खिलाने के बाद अंकल-ऑन्टी को भी बेरहमी से मारा

मृत पड़ोसी के दिल को लेकर एंडरसन अपने अंकल के घर गया जहाँ उसने इस दिल को पकाया। फिर अपने अंकल और उनकी पत्नी को इसे सर्व किया।

राजदीप सरदेसाई की ‘चापलूसी’ में लगा इंडिया टुडे, ‘दलाल’ लिखा तो कर दिए जाएँगे ब्लॉक: लोग ले रहे मजे

एक सोशल मीडिया अकॉउटं से जब राजदीप को 'दलाल' लिखा गया तो इंडिया टुडे का आधिकारिक हैंडल बचाव में आया और लोगों को ब्लॉक करने लगा।

फिल्मी स्टाइल में एक ही लड़की की शादीशुदा मेहताब ने की तीसरी बार किडनैपिंग, CCTV में बुर्का पहनाकर ले जाता दिखा

पीड़ित लड़की अपनी बुआ के साथ दवा लेने अस्पताल गई थी उसी दौरान आरोपित वहाँ पहुँच गया और बुर्का पहनाकर लड़की को वहाँ से ले गया।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,062FansLike
81,845FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe