उसे जब पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया तो वह रोने लगी। अपनी तीन बेटियों का हवाला देकर ख़ुद के निर्दोष बताने लगी। पुलिस ने उसे छोड़ दिया और वह सीधे सलेम के पास गई। जब पुलिस को अपनी भूल का एहसास हुआ तब तक...
पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...
संघ की छात्र ईकाई की तरफ से इसकी जानकारी शिवसेना के प्रभुत्व वाली बीएमसी को कई दिन पहले दी गई थी। बावजूद इसके न तो बीएमसी ने पूरी तरह सहयोग किया और न ही साफ-सफाई के लिए आवश्यक साजोसामान पूरी तरह मुहैया कराए।
प्लेटफॉर्म पर मौजूद पब्लिक ने लुटेरों में से एक 26 वर्षीय मो. इब्राहिम शेख को मौके से धर दबोचा, जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। जबकि उसका साथी मौके से भागने में कामयाब हो गया।
नूरुल्ला और उसके रिश्तेदारों ने हज पर जाने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने आरोपितों से संपर्क किया। बकौल नूरुल्ला, जनवरी से अगस्त के बीच उनलोगों ने कई किश्तों में कुल 1.1 करोड़ रुपए दिए, लेकिन उन्हें हज के लिए आरोपितों ने नहीं भेजा।
बकौल रोहित उसके कैब में बैठने के बाद से यह यात्री फोन पर भड़काऊ बातें कर रहा था। शाहीन बाग़ के बारे में बातें कर रहा था। कह रहा था- "इस देश में आग लगने वाली है।"
CCTV फुटेज में देखा गया कि आरोपित महिलाओं के पहले करीब जाता है, उन्हें दबोचता है और फिर उन्हें किस करके वहाँ से भाग जाता है। हबिबूर की हरकतें कैमरे में रिकॉर्ड होने के बाद पुलिस ने ये एक्शन लिया।
देश में एक ऐसा प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थान है, जहाँ वामपंथियों ने JNU से भी ज़्यादा तबाही मचा रखी है। निर्भया का बलात्कारियों के समर्थन से लेकर सेना को बलात्कारी और हिंसक बता तक, वहाँ के वामपंथी छात्र और प्रोफेसर घृणा की नई इबारत लिख रहे हैं। TISS में वामपंथियों की साज़िश का भंडाफोड़।
मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित रैली में सीएए और एनआरसी के विरोध के नाम पर लोगों ने न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि कई बैनर-पोस्टरों में कश्मीर को ‘आज़ादी’ देने की माँग की गई थी।
इस रैली में न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि जम्मू कश्मीर की 'आज़ादी' की भी बात कही गई। 'राजीव तेरे सपनों को, रावण तेरे सपनों को, पायल तेरे सपनों को- हम मंज़िल तक पहुँचाएँगे' जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए।