अपने अकाउंट से सोशल मीडिया पर इस तरह के नफरत फैलाने वाले पोल चलाने के बाद ट्विटर ने रोहित चोपड़ा के ट्विटर अकाउंट ‘@IndiaExplained’ को निलंबित कर दिया। इसके बाद भी अपने पर्सनल अकाउंट से रोहित का जहर फैलाना जारी रहा।
Reddit यूजर का दावा है कि सरकार के खिलाफ अभियान चलाने के लिए अमेज़ॅन वेब सेवाओं पर 40 से अधिक सर्वर चलाकर, वह लगातार 'आईटी सेल के ट्विटर पोल" को हराने में सक्षम है।
प्रधानमंत्री ने सीएए को लेकर हिंसा करने वालों को भी समझाया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अधिकार के साथ-साथ अपने दायित्व को भी निभाना चाहिए और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने से बचना चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों को खुद से पूछने की सलाह दी कि क्या उनका रास्ता सही था, जो जलाया गया वो उनके बच्चों को काम आने वाला भी तो था।
"हम अपना घर, जमीन सब पीछे छोड़ आए हैं... सब कुछ पाकिस्तान में है। अब यही हमारा घर है। अगर आप हमें स्वीकार नहीं करेंगे तो हम कहाँ जाएँगे? कृपया हमारी पीड़ा को समझें और जो कुछ हमारे घाव को भरने की कोशिश चल रही है, उसका विरोध न करें।’’
ये पहली बार नहीं था, जब अनुराग कश्यप और उनके जैसे लिबरल किस्म के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए ऐसे घटिया प्रयोग किए और उनका पर्दाफाश हुआ। इससे पहले भी कई बार वे कई उदाहरणों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिटलर से जोड़कर और भारत की वर्तमान स्थिति को जर्मनी के हालातों से जोड़कर दिखाते रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड में चुनाव प्रचार के दौरान 9 रैलियाँ की। पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने 5 सीटों पर जनसभाएँ की और प्रियंका गाँधी ने मात्र एक सीट पर चुनाव प्रचार किया। परिणामों व ट्रेंड के अनुसार इन सीटों की क्या स्थिति है, इसका पूरा डिटेल यहाँ से जानें।
जिन लेखकों को मोदी सरकार से डर लगता था, क्या उनका डर अब ख़त्म हो गया है? क्या इन लेखकों के पास नैतिकता नहीं है या फिर नैतिकता को स्वार्थ और लोभ ने ढक लिया है?
"उपद्रवियों में दो तरह के लोग हैं। एक वो जिनकी राजनीति दशकों तक झूठ फैलाने पर ही टिकी हुई है। दूसरे वो लोग जो समझते थे कि वो ही सरकार हैं और वो जो इतिहास बताएँगे, वही सच माना जाएगा। ख़ुद को भारत भाग्य विधाता मानने वालों ने अब बाँटो और राज़ करो वाली नीति पर काम करना शुरू कर दिया है।"