मुस्लिम और ईसाई अपने मजहबी प्रतीकों का उपयोग रक्षा के लिए कर रहे थे। जबकि हिंदुओं की पहचान के लिए अभियान चला। पीले रंग से बड़े अक्षरों में उनकी संपत्तियों पर ‘H’ लिखा गया।
"हम उनकी भी जानकारी जुटा रहे हैं जिन्होंने इस पोस्ट को लाइक किया है। हम गाँव वालों को इस संबंध में चेतावनी भी जारी करेंगे कि वो इस तरह की एक्टिविटी में शामिल ना रहें।"
पाकिस्तानी सेना, इस्लामी कट्टरवाद और आतंक की दूकान चलने वालों का धंधा अब मंदा पड़ने लगा है। आतंक की इसी बुझती हुई आग को हवा देने की कोशिश थे जम्मू के ये ड्रोन हमले।
“मैं एक सीधी-सादी लड़की हूँ, लेकिन मेरे पति पहले से ही शादीशुदा हैं। वह अपनी पहली पत्नी को मना लेंगे, फिर हम एक हफ्ते के भीतर उनके नाम और अपनी शादी का ऐलान कर देंगे।”