"पवित्र ब्लैक मडोना की प्रतिमा का दर्शन करने और उसे छूने के लिए कई लोग लाइन में लगे थे। मुझे भी उसी लाइन में लग कर काफ़ी ख़ुशी हुई। मैंने अपनी बारी का इंतजार किया और फिर ब्लैक मडोना का दर्शन किया।"
ईडी ने न्यायाधीश चंद्रशेखर के सामने कहा कि कॉन्ग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी के दामाद वाड्रा अपने खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।
पूनावाला का तर्क था कि अनुच्छेद-370 के निरस्त होने से संविधान के अनुच्छेद-19 (बोलने की स्वतंत्रता) और संविधान के 21 (व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का हनन हो रहा है।
"राहुल, मुझे आपसे सीखने को बहुत कुछ मिला है। हमारे देश में लगभग 65 प्रतिशत युवा हैं, जो आपके मार्गदर्शन में विश्वास रखते हैं। आपका जमीनी स्तर पर काम करने का और देश की जनता से और करीब से जुड़ने का निश्चय बहुत ही सराहनीय है। आपके इस कदम में मैं आपके साथ हूँ क्योंकि जनसेवा किसी पदवी की महोताज नहीं होती।"
CBI की FIR के अनुसार, 2011 से 2015 के बीच एक तरफ पिलाटस वायुसेना को ट्रेनर विमान सप्लाई कर रहा था, तो दूसरी ओर संजय भंडारी के भारत और दुबई स्थित कंपनियों में करोड़ों रुपए जमा करा रहा था। इस बीच 350 करोड़ रुपए जमा कराने के सबूत मिले हैं।
'जाँच एजेंसियों ने मुझे 13 बार पूछताछ के लिए बुलाया। मैंने हर सवाल का जवाब दिया है, मुझे बेवजह परेशान किया जा रहा है।' रॉबर्ट के इस पोस्ट के बाद किसी को भी उनसे सहानुभूति हो जाएगी, कि बार-बार कौन से सवाल है जो 13 बार में पूछे नहीं गए। लेकिन हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों रॉबर्ट से ईडी को बार-बार सवाल पूछने के लिए जरूरत पड़ रही है।
ईडी ने कहा कि वाड्रा जानबूझ कर लन्दन जाना चाहते हैं क्योंकि वहाँ इस मामले से जुडी कई चीजें हैं। अदालत ने यह भी कहा कि वाड्रा के ख़िलाफ़ जारी किया गया 'लुक आउट सर्कुलर' भी इस अवधि के दौरान लागू नहीं होगा।
"अगर वाड्रा को ज़मानत दी गई, तो वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं क्योंकि वह एक ‘प्रभावशाली व्यक्ति’ हैं। गिरफ़्तारी से छूट मिलने पर कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं पर हो रही जाँच को नुक़सान हो सकता है, जिसमें अवैध सम्पत्ति का सटीक स्रोत और..."
ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में रॉबर्ट वाड्रा की जमानत रद्द करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौरतलब है कि इस मामले में एक ट्रायल कोर्ट ने 1 अप्रैल को अग्रिम जमानत दी थी।
राहुल गाँधी की बहन प्रियंका वाड्रा गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के भाई इस बात पर धरने पर बैठे हैं कि उन्हें एस्कॉर्ट गाड़ी चाहिए, यह कितना उचित है? क्या यह नामदार हैं या कामदार? प्रधानमंत्री जी इन्हीं अच्छे दिनों की चर्चा किया करते थे?