Tuesday, August 4, 2020

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Sabarimala

बैरंग घर लौटेंगी तृप्ति देसाई, अय्यप्पा स्वामी को चुनौती देने की अकड़ साल भर में दूसरी बार हवा

“चाहे मुझे सुरक्षा मिले या न मिले, हम आज मंदिर जाएँगे।” कोच्चि पहुँचने पर तृप्ति देसाई ने यही कहा था, लेकिन उनका मंसूबा अय्यप्पा भक्तों ने पूरा नहीं होने दिया। अब तृप्ति का कहना है कि पुलिस उन्हें सुरक्षा नहीं दे रही है इसलिए...

‘सबरीमाला तो ठीक… लेकिन अजान पर भी तो आया था कोर्ट का फैसला, उसका क्या?’

कॉन्ग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड को प्रोपेगेंडा किए बगैर चैन नहीं पड़ रहा। उसने खबर यह फैलाई कि सुबह की अज़ान और डेसीबल स्तर के बारे में आया फैसला लागू नहीं किया गया, अतः महिलाओं के सबरीमाला में प्रवेश से संबंधित फैसला भी लागू नहीं होना चाहिए।

सबरीमाला दर्शन से दो हफ्ते पहले केरल की वामपंथी सरकार का फिर यू-टर्न: कहा- रजस्वला महिलाएँ करेंगी मंदिर में प्रवेश

सबरीमाला के भक्तों पर अत्याचार करने के बाद केरल के वामपंथियों ने जून 2019 में केंद्र सरकार से सबरीमाला के रीति-रिवाजों की रक्षा करता एक कानून बनाने को कहा था। जबकि यू-टर्न ले लेने के बाद अब वही वामपंथी कह रहे हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट 2018 का फैसला मानेंगे

ईसाईयों ने सबरीमाला को 1950 में आग लगा दी थी, आज भी नफरती चिंटुओं की नज़र पर है आस्था

सवाल यह भी है कि क्या हम खुद अपने मंदिरों पर जारी हमलों को उसी तरह देखने और बयान करने की हिम्मत जुटाएँगे जैसा वो सचमुच हैं? सेकुलरिज्म का टिन का चश्मा हम अपनी आँख से उतारेंगे क्या?

कॉन्ग्रेस में ‘G’ प्रथा को तोड़िए चिदंबरम जी, सबरीमाला-राम मंदिर आपसे न हो पाएगा

प्रथा वो है, जिसमें कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा लीन है। ‘परिवारवाद’ है प्रथा चिदंबरम जी... और अगर ये प्रथा नहीं है तो ‘राहुल गाँधी’ ही क्यों कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं... आप बन जाइए!

सबरीमाला पर केरल सरकार का फ़र्ज़ीवाड़ा: 51 की सूची में नाम, लिंग, उम्र हर चीज से खिलवाड़

सूची में कई नामों के सामने गलत उम्र लिखा गया है। 60 वर्ष उम्र की महिलाओं को 50 से कम उम्र की महिलाओं के रूप में दिखाया गया है

सबरीमाला विवाद: जेंडर इक्वालिटी, धार्मिक परम्पराएँ और धर्म

समाज और धर्म को एक ही मानकर, मंदिर को पूर्णतः पर्यटन स्थल मानकर उसमें जेंडर इक्वालिटी का तड़का मत लगाइए। हर बात, हर जगह लागू नहीं होती। अगर हो पाती तो मुस्लिम महिलाएँ भी हर मस्जिद में नमाज़ पढ़ पातीं और एक एनजीओ इसी सुप्रीम कोर्ट में इसे लागू करने के लिए लगातार प्रयत्न करती रहती।

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‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

मुंबई पुलिस को फरवरी में बताया था बेटे की जान खतरे में, पर कोई कारवाई नहीं की: सुशांत के पिता

सुशांत के पिता ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि 25 फरवरी को उन्होंने बांद्रा पुलिस को आगाह किया था कि उनके बेटे की जान खतरे में है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

दिल्ली हिंदू विरोधी दंगा: फैजल फारुख की बेल के लिए बीवी ने बनाए फर्जी सर्टिफिकेट

दिल्ली पुलिस ने राजधानी स्कूल के मालिक फैजल फारुख, उसकी पत्नी, डॉक्टर और वकील के खिलाफ जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का केस दर्ज किया है।

‘आज देख लेंगे हिंदुओं को… शाहरुख भाई वो रहा हिंदू, मारो साले को’: राजधानी स्कूल वाले फैजल फारुख पर चार्जशीट

फैजल फारुख। राजधानी स्कूल का मालिक। दिल्ली दंगों के दौरान हिंदुओं को निशाना बनाने के लिए क्या, कब और कैसे किया। सब कुछ है इस चार्जशीट में।

4-5 अगस्त को घरों में दीप जलाएँ, अखंड रामायण पाठ करें, मंदिर के लिए बलिदान हुए पूर्वजों को याद करें: CM योगी आदित्यनाथ

राम मंदिर भूमिपूजन के ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने के लिए CM योगी आदित्यनाथ ने 4-5 अगस्त को घरों में दीप जलाने और अखंड रामायण पाठ की अपील की है।

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‘इससे अल्लाह खुश होता है, तो शैतान किससे खुश होगा?’ गाय को क्रेन से लटकाया, पटका फिर काटा

पाकिस्तान का बताए जाने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि गाय को क्रेन से ऊपर उठाया गया है और कई लोग वहाँ तमाशा देख रहे हैं।

‘खड़े-खड़े रेप कर दूँगा, फाड़ कर चार कर दूँगा’ – ‘देवांशी’ को समीर अहमद की धमकी, दिल्ली दंगों वाला इलाका

"अपने कुत्ते को यहाँ पेशाब मत करवाना नहीं तो मैं तुझे फाड़ कर चार कर दूँगा, तेरा यहीं खड़े-खड़े रेप कर दूँगा।" - समीर ने 'देवांशी' को यही कहा था।

‘राम-राम नहीं, जय भीम बोलो’: दरोगा रमेश राम ने माँ का श्राद्ध कर रहे परिजनों को जम कर पीटा, CM योगी ने लिया संज्ञान

जातिवादी टिप्पणी करते हुए दरोगा रमेश राम ने कहा कि वो ब्राह्मणों और ठाकुरों को सबक सिखाने के लिए ही पुलिस में भर्ती हुआ है। घायलों में सेना का जवान भी शामिल।

रवीश जी, आपका हर शो चुटकुला ही है, फिर कॉमेडी के लिए इतना परिश्रम काहे भाई!

भारत की पत्रकारिता में यह रवीश का सबसे बड़ा योगदान है। अच्छी योजनाओं और सरकारी कार्यों में भी, खोज-खोज कर कमियाँ बताई जाने लगी हैं। देखा-देखी बाकी वामपंथी एंकरों और पुराने चावल पत्रकारों ने भी, अपनी गिरती लोकप्रियता बनाए रखने के लिए, अपने दैनिक शौच से पहले और फेफड़ों से चढ़ते हर खखार (हिन्दी में बलगम) के बाद, मोदी और सरकार को गरियाना अपना परम कर्तव्य बना लिया है।

‘इंशाअल्लाह, न कभी भूलेंगे, न माफ करेंगे’: भूमि पूजन से पहले जामिया वाली लदीदा ने दिखाई नफरत

जामिया में लदीदा के जिहाद के आह्वान के बाद हिंसा भड़की थी। अब उसने भूमि पूजन से पहले हिंदुओं के प्रति नफरत दिखाते हुए पोस्ट किया है।

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