4 साल पहले नवम्बर के महीने में इस्लामिक आतंकी हमला झेलकर फ्रांस ने 40 साल पहले मक्का की मस्जिद बचाने, और इसके अलावा अयातोल्ला खोमैनी को शरण देने की कीमत चुकाई थी।
सीएम रघुवर दास ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसके लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को धन्यवाद दिया और साथ ही कहा कि एक बहन के लिए इससे बड़ा तोहफा नहीं हो सकता।