ये दुर्भावनापूर्ण और सुनियोजित ढंग से उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिष्ठा खराब करने का प्रयास है। नोएडा पुलिस आरोपितों के विरुद्ध एफआईआर कर चुकी है और आगे अफवाह फैलाने वालों और इस मुश्किल घड़ी में पैनिक क्रिएट करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
यूपी पुलिस ने बीबीसी के दावे का खंडन करते हुए सच्चाई बताई। इस ट्वीट में उन्होंने साल 2016 से 2019 तक के क्राइम रेट का आँकड़ा भी शेयर किया है। जिसमें बताया गया है कि....