“मैं आप में से एक हूँ। मेरे पूर्वज यहीं के यूपी और बिहार से थे। भारतीय संस्कृति इतनी समृद्ध है कि हमने इसे सहेज कर रखा है। फिजी का हर नागरिक मरने से पहले कम से कम एक बार भारत आने का सपना देखता है।”
मृतक मनोज सेंगर के ख़िलाफ़ पीड़िता के सड़क हादसे की घटना में सीबीआई में मुक़दमा दर्ज है। जबकि उन्नाव दुष्कर्म कांड के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर इस समय जेल में बंद है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की सुनवाई अब दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में हो रही है।
ब्राह्मण महासभा से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश शर्मा की हत्या के मुख्य आरोपित नासिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उस पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था।
इस मामले में सभी साज़िशकर्ता और दोनों हत्यारे पकड़े जा चुके हैं। सूरत से मौलाना शेख, फैजान और रशीद पठान को गिरफ़्तार किया गया था। संदिग्ध हत्यारे अशफ़ाक़ और मोईनुद्दीन राजस्थान और गुजरात की सीमा से दबोचे गए थे।
उन्होंने बताया कि अशफ़ाक़ के पास पिस्टल थी, जबकि दोनों चाकू पैंट में रख रखा था। आधा किलो वाले मिठाई के डिब्बे में सिर्फ़ रसीद थी। इसकी वजह थी कि वो ख़ुद चाहते थे कि जाँच में उनका नाम सामने आए।
"कॉन्ग्रेस पार्टी ने अपने स्वार्थ के लिए जनता में वोटों के बँटने के भय को खूब प्रचारित किया। इससे बीएसपी के समर्पित वोटर तो कतई नहीं डिगे परन्तु अन्य वोटर जरूर भ्रमित हो गए। इसका परिणाम यह हुआ कि बीएसपी इस बार हरियाणा विधानसभा आमचुनाव में सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी।"
पुलिस ने अपनी जाँच में पाया कि अबरार संदिग्ध तौर पर पाकिस्तान आता जाता रहता है और उसके घर में भी संदिग्धों का आना-जाना है। इसके अलावा वह पाक के मज़हबी संगठन का भारत में प्रचार-प्रसार करके पैसे कमाता है।
दरोगा सहित 5 पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की जाँच-पड़ताल के लिए 3 टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने कई मीट विक्रेताओं और मांसाहार परोसने वाले होटलों में छापा मारकर 13 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनाव में 11 सीट में से 8 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है जबकि 3 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत दर्ज की। बसपा इस चुनाव में बुरी तरह विफल है।
दरअसल, अब दिवाली और राम मंदिर पर आने वाले फ़ैसले को देखते हुए क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए होमगार्डों की ज़रूरत भी बढ़ गई है। इसलिए, होमगार्डों की ड्यूटी बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।