कॉन्ग्रेस पार्षद स्मानला दोरजे नोरबू ने प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। उसने बीजेपी ऑफिस तक पहुँचने का लोगों से आह्वान किया। इसके बाद हुई हिंसा में ऑफिस को जला दिया गया।
कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई जाँच समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस हिंसा में ममता बनर्जी की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी के स्थानीय नेताओं की अहम भूमिका रही।