आइएस सरगना से सहानुभूति दिखाने वाला वाशिंगटन पोस्ट अकेला नहीं है। ब्लूमबर्ग ने भी बगदादी का महिमामंडन किया है। उसके मुताबिक, "बगदादी छोटे से गॉंव से आया ऐसा शख्स था जिसने कई बाधाओं को पार कर मुकाम हासिल किया।"
22 अक्टूबर से इस मामले की सुनवाई फिर से शुरू हो गई है। इतने पुराने मामले के गुनहगार शायद ही मिलें। लेकिन, इसने एक नई बहस को जन्म दे दिया है। क्या इतने पुराने मामले दोबारा खोले जाने चाहिए?
गिरती अर्थव्यवस्था के बीच ईरान से सस्ता मिल रहा क्रूड भी भारत ने खरीदना कम कर दिया है। ऐसे में वेनेज़ुएला प्रतिबंध को और झेलना भारत के लिए मुश्किल लग रहा है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से मिले तो भी मीम्स बने। जापान गए तो वहाँ एक अलग तरह का मीम वायरल हुआ। हॉन्गकॉन्ग की नेता से मिले सूअर वाला मीम। क्या सचमुच इससे तंग आकर कार्टून कैरेक्टर को ही बैन कर दिया चीन में?
चीन में उइगर और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ होते अत्याचार को देखते हुए अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय ने चीन की 28 संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया। अब चीन की ये 28 संस्थाएँ अमेरिकी सामान नहीं खरीद पाएँगी।
डोनाल्ड ट्रम्प के आने के बाद से अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध बहुत हद तक ठंडे पड़ गए हैं। पाकिस्तान को नया कर्ज या सहायता तो दूर, ट्रम्प ने लगभग हर पुराने मदद के रास्ते को रोक दिया है या पहरा बिठा दिया है।
पिछले साल भारत ने रूस से 5.2 बिलियन डॉलर के एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का करार किया है। अमेरिका की तरफ से धमकी दिए जाने के बावजूद भारत ने रूस के साथ एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
"आज 28 सितंबर है। तीन साल पहले इसी दिन मैं पूरी रात एक पल के लिए भी नहीं सोया था। हर पल इसी इंतजार में था कि टेलीफोन की घंटी कब बजेगी। तीन साल पहले देश के वीर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक करके भारत की शान को और ताकत के साथ प्रस्तुत किया था।"
वह 16 साल की उम्र से महिलाओं के मानवाधिकार की लड़ाई लड़ रही हैं। सेना की बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाती हैं। उनकी आवाज खामोश करने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरानों ने कई साजिशें रची। मुश्किलों से लड़ गुलालाई बनीं अल्पसंख्यकों के लिए उम्मीद की नई किरण।
इमरान खान ने किसी का नाम नहीं तो लिया, लेकिन साफ है कि वे किसकी तरफ इशारा कर रहे थे। 2013 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने BJP और RSS पर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। पी चिदंबरम ने भी भगवा आतंकवाद पर विवादित बयान दिए थे। ये दोनों UPA सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं।