सरदार पटेल के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने तोड़ डाला अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का रिकॉर्ड

अनावरण के साल भर बाद ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को प्रतिदिन देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पर्यटकों से अधिक हो गई है।

अपने अनावरण के साल भर बाद ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को प्रतिदिन देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पर्यटकों से अधिक हो गई है। गुजरात स्थित इस स्मारक को देखने औसतन 15000 से अधिक पर्यटक रोज पहुँच रहे हैं।

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने एक बयान में कहा है, ”पहली नवंबर, 2018 से 31 अक्टूबर, 2019 तक पहले साल में रोजाना आने वाले पर्यटकों की संख्या में औसतन 74 फीसदी वृद्धि हुई है और अब दूसरे साल के पहले महीने में पर्यटकों की संख्या औसतन 15036 पर्यटक प्रतिदिन हो गई है।”

बयान में कहा गया, ”सप्ताहांत के दिनों में यह 22,430 हो गई है। अमेरिका के न्यू यॉर्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने रोजाना 10000 पर्यटक पहुँचते हैं।” स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊँची प्रतिमा है। यह दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

यह प्रतिमा गुजरात में केवड़िया कॉलोनी में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के समीप है। भारतीय मूर्तिकार राम वी सुतार ने इसका डिजायन तैयार किया था। पहली बार वर्ष 2010 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2018 को उसका अनावरण किया था।

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के बयान में कहा गया है कि इस स्मारक के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि का श्रेय जंगल सफारी, बच्चों के न्यूट्रीशन पार्क, कैक्टस गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन, एकता नर्सरी, नदी राफ्टिंग, बोटिंग आदि जेसे नये पर्यटक आकर्षणों को दिया है। बयान के अनुसार, ”इन अतिरिक्त पर्यटक आकर्षणों से नवंबर, 2019 में पर्यटकों की रोजाना संख्या में इज़ाफ़ा हुआ है।” इसके अलावा इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि इस साल 30 नवंबर तक केवडिया में 30,90,723 पर्यटक पहुँचे, जिससे कुल 85.57 करोड़ रुपए की आय हुई है।

यह भी पढ़ें: विदेशी फोटो से फैलाया प्रोपेगेंडा, सरदार पटेल की स्टैच्यू से तुलना: AAP की मार्लेना का नया अंदाज

यह भी पढ़ें: चाणक्‍य के बाद सरदार पटेल ही थे, जिन्‍होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोया, आज दीवार टूट गई, सपना सच हो गया: PM मोदी

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कंगना रनौत, आशा देवी
कंगना रनौत 'महिला-विरोधी' हैं, क्योंकि वो बलात्कारियों का समर्थन नहीं करतीं। वामपंथी गैंग नाराज़ है, क्योंकि वो चाहता है कि कंगना अँग्रेजों के तलवे चाटे और महाभारत को 'मिथक' बताएँ। न्यूज़लॉन्ड्री निर्भया की माँ को उपदेश देकर कह रहा है ये 'न्याय' नहीं बल्कि 'बदला' है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

143,833फैंसलाइक करें
35,978फॉलोवर्सफॉलो करें
163,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: