किसानों के विरोध के खिलाफ वैश्विक अभियान के पीछे कनाडा का 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसकी वेबसाइट से वास्तविकता का पता चलता है कि यह सब सामान्य से कहीं अधिक भयावह है।
कुछ वीडियोज सामने आई हैं, जिससे साफ हो रहा है कि पूरे प्रदर्शन में खालिस्तानियों की घुसपैठ है। इसके बाद दूसरी वीडियो में साफ-साफ तिरंगे का अपमान होते देखा जा सकता है।
लाल किले में हुई हिंसा और बर्बरता की घटना के जाँच के लिए कथिततौर पर एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट एसीपी ललित मोहन नेगी को यूएपीए का नया इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
वीडियो में बुजुर्ग आदमी सड़क पर बैठे हैं और वहाँ से उठते हुए कहते हैं, "ये बोलते है आगे जाओगे तो मारूँगा। अरे क्या गुनाह किया है? हम यहाँ से निकले नहीं? हमारे रास्ते में आ गए।"