पाकिस्तानी की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए पंजाब में टारगेट किलिंग करवाने वाले मोस्ट वांटेड गैंगस्टर और खालिस्तानी आतंकी सुख बिकरीवाल को सुरक्षा एजेंसियाँ दुबई से डिपोर्ट करके दिल्ली लाई।
ऐसा लगता है कि ‘प्रदर्शनकारी किसानों’ ने मुख्यमंत्री की अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया और अब ऐसा लगता है कि कॉन्ग्रेस नेता भी इस तरह की अराजकता की वाह-वाही कर रहे हैं। वहीं आज भी CM ने टॉवर में तोड़-फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
क्या किसान आंदोलनों से आ रहीं किसानों की मौत की खबरें वास्तव में धरना-प्रदर्शन से जुड़ी हुई मौत हैं? नोटबंदी के दौरान भी '32 दिन में 100 मौत' का चलन देखने को मिला था।
तीनों 2009 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता रुल्दा सिंह की हत्या के मामले में आरोपित हैं। इनकी पहचान गुरशरणबीर सिंह वहीवाला, अमृतबीर सिंह वहीवाला और प्यारा सिंह गिल के रूप में हुई है।
इस वर्ष भारत में 412.91 लाख मीट्रिक टन की खरीद में से, अकेले पंजाब राज्य से खरीद 202.77 LMT थी। यानी, कुल खरीद का लगभग आधा (49.10%), पंजाब से लिया गया।
इसका सबसे बड़ा सबूत आंदोलन स्थल पर लगा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह समेत 17 लोगों की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा और उसके साथियों के पोस्टर है।
खुद को 'किसान का बेटा' बता इस्तीफा देने वाले DIG लखविंदर सिंह जाखड़ असल में घूसखोरी का आरोपित है, निलंबित किया जा चुका है। वाह-वाह करने वाली मीडिया के लिए यह कोई तथ्य नहीं है।