पिछले 6 वर्षों से भारत के प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों को केवल सार्वजनिक भाषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भारत के नागरिकों से किए गए हर वादा, हर आशा को पूरा करने के लिए अपनी 6 साल की यात्रा के प्रत्येक दिन को बहुत लगन के साथ उपयोग किया है।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में तैनात कमांडो सुनैना पटेल ने बेटी को जन्म दिया है। युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताते हुए लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान की माँग है कि प्रशासन ऐसी रैलियों पर तत्काल रोक लगाए। उनका कहना है कि इस्लाम में महिलाओं को जितने अधिकार दिए गए हैं, उससे आगे नहीं बढ़ना चाहिए। वकील अज़हर सिद्दीकी का कहना है कि ये मार्च पश्चिमी अजेंडा का हिस्सा है।
वेदों में महिलाओं की स्थिति के विषय में जो मंत्र हैं, अगर आप उनको पढ़ेंगे तो महसूस करेंगे कि महिलाओं को वहाँ बहुत अधिक सम्मानजनक दर्जा प्राप्त है। वेद महिलाओं को इतना सशक्त, उदात्त और स्वीकार्य स्थान प्रदान करते हैं कि दुनिया की कोई भी तथाकथित आधुनिक और विकसित सभ्यताएँ उसके बारे में सोच भी नहीं सकती।
जिन 7 महिलाओं को आज पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने का मौका मिला, वो सभी अलग-अलग क्षेत्रों से संबंध रखती हैं। इनमें जल संरक्षण से लेकर दिव्यांग जनों के लिए काम करने वाली स्त्रियाँ भी शामिल हैं।
निधि को ससुराल वालों ने ही बेदखल कर दिया था। जब उनके पति वीरगति को प्राप्त हुए, तब निधि के पेट में 4 महीने का बच्चा था। सुसराल वालों ने उनके पति की मृत्यु के बाद उन्हें सदमे से उबरने के लिए समय भी नहीं दिया और तुरंत निकल जाने को कहा। इसके बाद...
कुरान में हिजाब का जिक्र है, जिसमें महिला का चेहरा दिखता रहता है। बुर्का केवल कट्टरपंथी इस्लाम की सोच है जिसमें वो महिला को जबरदस्ती चेहरा ढकने के लिए बाध्य करते हैं। अरब देशों में बुर्का पहनने का चलन वहाँ पर चलने वाली आँधियों से बचने के लिए था। धीरे-धीरे उस क्षेत्र में इस्लाम धर्म के फ़ैलने के कारण बुर्का इस्लाम का अंग बन गया।
मात्र 10 साल की उम्र में शादी होने के बाद जब वो अपने ससुराल पहुँचीं तो उन्हें सिर पर मैला ढोने के काम में लगा दिया गया। इस काम से बचने का कोई रास्ता भी नहीं था। तभी उनकी मुलाकात सुलभ इंटरनेशनल के डॉ बिन्देश्वर पाठक से हुई। और उन्होंने लिख दी सफलता की कहानी... स्वर्णिम कहानी!
सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन की बात हो, स्वच्छ भारत के जरिए शौचालय मुहैया कराना हो या उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों परिवार को गैस कनेक्शन देकर स्वास्थ्य की चिंता करना, मोदी सरकार ने महिला हितैषी ऐसे कई कदम उठाए हैं, जिनके दूरगामी परिणाम होंगे।