Tuesday, March 2, 2021
Home विचार राजनैतिक मुद्दे 'PM मोदी के कार्यकाल में आज का भारत 'महिलाओं के विकास' से 'महिला नेतृत्व...

‘PM मोदी के कार्यकाल में आज का भारत ‘महिलाओं के विकास’ से ‘महिला नेतृत्व वाले विकास’ की ओर बढ़ चला है’

इससे पहले कभी किसी प्रधान मंत्री ने बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं, राष्ट्र के आर्थिक उपायों पर राष्ट्र की कल्पना को नई ऊँचाई नहीं दी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कार्यान्वयन करते हुए और डेटा के आधार पर भी शानदार सफलताएँ अर्जित की और सामान्य उपायों के माध्यम से उन कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जो आम भारतीय की बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए सबसे पहले कोरोना वायरस से जंग जीतने की बात कही और कोरोना वॉरियर्स को नमन किया। करीब 1 घंटे 27 मिनट लंबे भाषण में प्रधानमंत्री का फोकस कोरोना वायरस, आर्थिक विकास और आत्मनिर्भर भारत पर रहा। 

इस दौरान उन्होंने महिला शक्ति से लेकर डिजिटल इंडिया और लद्दाख में चीनी घुसपैठ से लेकर शिक्षा व्यवस्था तक पर बात की। उन्होंने चीन और पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की संप्रभुता पर जिस किसी ने आँख उठाई है, देश की सेना ने उसका उसी भाषा में जवाब दिया है।

पिछले 6 वर्षों से भारत के प्रधानमंत्री ने अपने प्रयासों को केवल सार्वजनिक भाषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि भारत के नागरिकों से किए गए हर वादा, हर आशा को पूरा करने के लिए अपनी 6 साल की यात्रा के प्रत्येक दिन को बहुत लगन के साथ उपयोग किया है।

इससे पहले कभी किसी प्रधान मंत्री ने बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं, राष्ट्र के आर्थिक उपायों पर राष्ट्र की कल्पना को नई ऊँचाई नहीं दी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कार्यान्वयन करते हुए और डेटा के आधार पर भी शानदार सफलताएँ अर्जित की और सामान्य उपायों के माध्यम से उन कल्याणकारी कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जो आम भारतीय की बुनियादी जरूरतों को पूरा करते हैं।

कई महिला राजनेता, कार्यकर्ता जो जेंडर जस्टिस के लेंस से सरकार के प्रत्येक कार्यक्रम का अध्ययन करते हैं, ने प्रधानमंत्री के महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के उद्देश्य वाले योजनाओं में प्रसन्नता जाहिर की है। मुझे याद है, जब लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने महिलाओं, खासकर स्कूल जाने वाली लड़कियों के जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए शौचालय बनवाने का स्पष्ट आह्वान किया था।

हमारा राष्ट्र 6 दशकों के लोकतांत्रिक मंथन में बुनियादी मानवीय आवश्यकता के समाधान से वंचित था। यह किसी के लिए आश्चर्य की बात नहीं होगी। वास्तव में गरीब लोगों ने इसे जीवन के एक तरीके के रूप में स्वीकार कर लिया था। पिछले 6 वर्षों में बने 11 करोड़ शौचालयों ने गरीबों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशासनिक शिथिलता के बीच की खाई को पाट दिया और सम्मान की जिंदगी दी।

आज मैंने प्रधानमंत्री को जनऔषधि केंद्रों द्वारा मासिक स्वच्छता उत्पादों के संबंध में सेवा देने और प्रत्येक 1 रुपए की लागत पर 5 करोड़ सेनेटरी पैड की बिक्री के बारे में सुना। शौचालय से लेकर सेनेटरी पैड तक, सेवाओं की एक सार्वजनिक घोषणा, समर्थन और एक वादा जिसे महिलाओं के मुद्दों पर चर्चा करने की आवश्यकता है, इस सरकार का मुख्य आधार बन गया है।

सच कहा जाए तो जब भी किसी वामपंथी से दक्षिणपंथी सरकार की प्रशासनिक क्षमता के बारे में पूछा जाएगा तो वो तिरस्कार की भाषा में ही वर्णन करेंगे। झूठी चीज़ों पर ज़ोर देकर कितना ही ये साबित करने की कोशिश की जाए कि दक्षिणपंथी सरकार महिलाओं को लेकर रूढ़िवादी सोच रखती है, लेकिन मोदी सरकार की 6 सालों की यात्रा इसके उलट ही एक कहानी कहती है।

सच्चाई तो ये है कि यह मोदी सरकार के कार्यकाल में ही संभव हुआ कि मासिक धर्म स्वच्छता प्रोटोकॉल को प्रशासनिक इकाईयों के लिए जारी किया गया, लेकिन इस बात को लिंग-आधारित बहस में कहीं जगह नहीं मिलती है लेकिन मैं इससे हैरान बिल्कुल नहीं हूँ। ना ही गर्भावस्था अधिनियम के मेडिकल टर्मिनेशन की कहीं चर्चा होती है जो 21वीं सदी में महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा करती है।

यह मोदी सरकार की ही नेतृत्व क्षमता का कमाल है कि जनता की सेवा के लिए वो नीतियों को इतने बेहतर तरीके से लागू कर पाते हैं भले ही उन्हें लुटियन गैंग की सराहना मिले न मिले। सरकार का संप्रदाय विशेष की महिलाओं की ज़रूरतों को समझना और बड़ी समझदारी से इसका हल निकालना पीएम मोदी की मुश्किल कार्यों को सम्पादन करने की उनकी क्षमता का ही एक नमूना है।

दशकों तक भारतीय राजनीति ने ट्रिपल तलाक के बहाने छोड़ी गई संप्रदाय विशेष की विवाहित महिलाओं को विधायी समाधान प्रदान करने के लिए दृढ़ता से मना कर दिया क्योंकि न्याय प्रदान करने का कार्य चुनावी लाभदायक वोट बैंक पर इसके प्रभाव को देखते हुए खतरे से भरा था। लेकिन लोकतंत्र के दायरे से ट्रिपल तलाक के अन्याय को दूर करने का कानून एक प्रमाण है कि नरेंद्र मोदी वास्तव में सभी के लिए न्याय में विश्वास करते हैं और इसके लिए कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं।

इसके अतिरिक्त, सामाजिक और आर्थिक न्याय देने की भावना के साथ, आज हम गर्व के साथ घोषणा करते हैं कि 25 करोड़ MUDRA ऋणों में से 70% लाभार्थी महिलाएँ हैं। 40 करोड़ जन-धन खातों में से 22 करोड़ खाते महिलाओं के हैं, जब पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 3 दशकों के बाद शिक्षा नीति में संशोधन किया है।

इसमें पहली बार यह पाया गया है कि जेंडर इंक्लूजन फंड के तत्वावधान में हमारी युवा लड़कियों की शैक्षणिक आकांक्षाओं को आर्थिक रूप से सहायता प्रदान करने के लिए किए गए एक विशेष प्रयास है, जो देश भर के सरकारी स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय बनवाकर उनके समर्थन में प्रकट हुई, वह भी एक साल से भी कम समय में।

उन्होंने इस तथ्य को न केवल सच साबित किया बल्कि हमारे सशस्त्र बलों में लड़ाकू भूमिकाओं में महिलाओं की भूमिका का जश्न मनाया और एक सामाजिक स्वीकृति का मार्ग प्रशस्त किया कि भारतीय महिलाओं को अब किसी से कम नहीं माना जाता है। वे एक समान भागीदार हैं, हम एक राष्ट्र के रूप में शुरू की गई विकास प्रक्रियाओं में एक समान योगदान देती हैं।

आज जब प्रधानमंत्री जी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर इकट्ठे युवाओं को गुडबाय कहा, मैंने उनमें भविष्य के लिए उम्मीद देखी। एक ऐसा बदलाव देखा, जिसके बाद महिलाएँ प्रशासनिक और सामाजिक तौर पर अपने पुरुष साथियों पर निर्भर नहीं रह जाएँगी। आज का भारत ‘महिलाओं के विकास’ से ‘महिला के नेतृत्व वाले विकास’ की ओर बढ़ चला है।

यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में केंद्रीय कैबिनेट कपड़ा और महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा लिखा गया है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

Smriti Z Irani
Union Cabinet Minister for Textiles and Women & Child Development | MP Amethi Lok Sabha Constituency

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ट्विटर पर जलाकर मारे गए कारसेवकों की बात करना मना है: गोधरा नरसंहार से जुड़े पोस्ट डिलीट करने को कर रहा मजबूर

गोधरा नरसंहार के हिंदू पीड़ितों की बात करने वाले पोस्ट डिलीट करने के लिए ट्विटर यूजर्स को मजबूर कर रहा है।

हिंदू अराध्य स्थल पर क्रिश्चियन क्रॉस, माँ सीता के पद​ चिह्नों को नुकसान: ईसाई प्रचारकों की करतूत से बीजेपी बिफरी

मंदिरों को निशाना बनाए जाने के बाद अब आंध्र प्रदेश में हिंदू पवित्र स्थल के पास अतिक्रमण कर विशालकाय क्रॉस लगाए जाने का मामला सामने आया है।

भगवान श्रीकृष्ण को व्यभिचारी और पागल F#ckboi कहने वाली सृष्टि को न्यूजलॉन्ड्री ने दिया प्लेटफॉर्म

भगवान श्रीकृष्ण पर अपमानजनक टिप्पणी के बाद HT से निकाली गई सृष्टि जसवाल न्यूजलॉन्ड्री के साथ जुड़ गई है।

‘बिके हुए आदमी हो तुम’ – हाथरस मामले में पत्रकार ने पूछे सवाल तो भड़के अखिलेश यादव

हाथरस मामले में सवाल पूछने पर पत्रकार पर अखिलेश यादव ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद उनकी किरकिरी हुई।

काम पर लग गए ‘कॉन्ग्रेसी’ पत्रकार: पश्चिम बंगाल में ‘मौत’ वाले मौलाना से गठबंधन और कलह से दूर कर रहे असम की बातें

बंगाल में कॉन्ग्रेस ने कट्टरवादी मौलाना के साथ गठबंधन किया, रोहिणी सिंह जैसे पत्रकारों ने ध्यान भटका कर असम की बातें करनी शुरू कर दी।

योगी के पहुँचते ही ‘जय श्रीराम’ से गूँज उठा बंगाल, लव जिहाद और गोहत्या पर ममता को घेरा

मिशन बंगाल पर निकले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने मालदा में रैली की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो राम द्रोही हैं, उनका बंगाल में कोई काम नहीं है।

प्रचलित ख़बरें

‘प्राइवेट पार्ट में हाथ घुसाया, कहा पेड़ रोप रही हूँ… 6 घंटे तक बंधक बना कर रेप’: LGBTQ एक्टिविस्ट महिला पर आरोप

LGBTQ+ एक्टिविस्ट और TEDx स्पीकर दिव्या दुरेजा पर पर होटल में यौन शोषण के आरोप लगे हैं। एक योग शिक्षिका Elodie ने उनके ऊपर ये आरोप लगाए।

गोधरा में जलाए गए हिंदू स्वरा भास्कर को याद नहीं, अंसारी की तस्वीर पोस्ट कर लिखा- कभी नहीं भूलना

स्वरा भास्कर ने अंसारी की तस्वीर शेयर करते हुए इस बात को छिपा लिया कि यह आक्रोश गोधरा में कार सेवकों को जिंदा जलाए जाने से भड़का था।

‘हिंदू होना और जय श्रीराम कहना अपराध नहीं’: ऑक्सफोर्ड स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष रश्मि सामंत का इस्तीफा

हिंदू पहचान को लेकर निशाना बनाए जाने के कारण रश्मि सामंत ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।

नमाज पढ़ाने वालों को ₹15000, अजान देने वालों को ₹10000 प्रतिमाह सैलरी: बिहार की 1057 मस्जिदों को तोहफा

बिहार स्टेट सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड में पंजीकृत मस्जिदों के पेशइमामों (नमाज पढ़ाने वाला मौलवी) और मोअज्जिनों (अजान देने वालों) के लिए मानदेय का ऐलान।

सपा नेता छेड़खानी भी करता है, हत्या भी… और अखिलेश घेर रहे योगी सरकार को! आरोपित के खिलाफ लगेगा NSA

मृतक ने गौरव शर्मा नाम के आरोपित (जो सपा नेता भी है) के खिलाफ अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।

‘बीवी के सामने गर्लफ्रेंड को वीडियो कॉल करता था शौहर, गर्भ में ही मर गया था बच्चा’: आयशा की आत्महत्या के पीछे की कहानी

राजस्थान की ही एक लड़की से आयशा के शौहर आरिफ का अफेयर था और आयशा के सामने ही वो वीडियो कॉल पर उससे बातें करता था। आयशा ने कर ली आत्महत्या।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,208FansLike
81,879FollowersFollow
392,000SubscribersSubscribe