द वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स, अल जजीरा सहित कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने गुमराह करने वाले लेख प्रकाशित किए हैं ताकि 'वोट चोरी' के राहुल गाँधी के प्रोपेगेंडा को हवा दिया जा सके।
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गाँधी ने किसी लोकतांत्रिक संस्था पर हमला किया है। अनाप-शनाप बोलने की इस लंपट प्रवृत्ति को रोकने के लिए दंड के नए विधान लिखने होंगे।