खुद को पत्रकार कहने वाले यूट्यूबर अजीत अंजुम का एजेंडा एकदम क्लियर है। जो लाइन माई-बाप (INDI गठबंधन) खींच दे उसको पकड़कर चलना। बिहार में इस लाइन पर चलते-चलते अजीत अंजुम रोजाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों का बखान करने को भी मजबूर हैं।
बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा के चुनाव होने हैं। राहुल गाँधी और तेजस्वी यादव ‘वोट चोरी’ का कैंपेन चला रहे हैं। इसे देखते हुए अजीत अंजुम भी ‘मुर्दों की तलाश में’ बिहार घूम रहे हैं ताकि अपने ‘माई-बाप’ के प्रोपेगेंडा को हवा दे सके। इसमें उन्हें महत्ती कामयाबी अब तक तो नहीं मिली है, लेकिन बिहार की चकाचक सड़कों को इस चुनावी मौसम में खूब प्रचार मिल रहा है।
इससे पहले अजीत अंजुम बिहार उस समय भी गए थे, जब मतदाता सूची पुनरीक्षण (बिहार SIR) की प्रक्रिया चल रही थी। उस समय जबरन एजेंडा ठूँसने के फेर में वे अपने ऊपर केस करवाकर दिल्ली लौट आए थे। अब उनके ‘माई-बाप’ ने ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू की है तो वे भी बिहार लौट आए हैं। एक-जगह से दूसरी जगह दौड़ रहे हैं ताकि ‘माई-बाप’ के लिए कुछ मसाला का जुगाड़ हो सके।
इसी क्रम में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में अजीत अंजुम ने लिखा, “बिहार में सड़कें बहुत अच्छी बन गई हैं और लगातार बन रही है। लंबा सफर पहले की तुलना काफी आसान हो गया है। एक वक्त था जब हम लोग सोचते थे कि हरियाणा-पंजाब में इतनी अच्छी सड़कें हैं तो बिहार में क्यों नहीं हो सकती। मोदी राज में हाईवे का काफी बेहतर विस्तार हुआ है।”
बिहार में सड़कें बहुत अच्छी बन गई हैं और लगातार बन रही है.
— Ajit Anjum (@ajitanjum) August 22, 2025
लंबा सफर पहले की तुलना काफी आसान हो गया है . एक वक्त था जब
हम लोग सोचते थे कि हरियाणा -पंजाब में इतनी अच्छी सड़कें हैं तो बिहार में क्यों नहीं हो सकती .
मोदी राज में Highway का काफी बेहतर विस्तार हुआ है . @nitin_gadkari… https://t.co/jhajpwbdcp pic.twitter.com/nqMLHQw4yO
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा है, “बेगूसराय से पटना जाना अब बहुत आसान हो गया है। सिमरिया का ये नया पुल इस रूट से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है। पीएम मोदी ने दो दिन पहले इसी पुल का उद्घाटन किया था।”
बेगूसराय से पटना जाना अब बहुत आसान हो गया . सिमरिया का ये नया पुल इस रूट से सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि है .
— Ajit Anjum (@ajitanjum) August 24, 2025
पीएम मोदी ने दो दिन पहले इसी पुल का उद्घाटन किया था . pic.twitter.com/HV12fBps2K
इसके अलावा भी बिहार की अपनी यात्रा की जानकारी को साझा करने के लिए उन्होंने कई पोस्ट किए हैं जो राज्य में विकास कार्यों की तस्वीर दिखाते हैं। अजीत अंजुम खुद भी बिहार से हैं। उसी बिहार से जहाँ का मुख्यमंत्री हेमा मालिनी की गाल जैसी सड़कें बनवाने की बात करता था, पर सड़क और गड्ढों का अंतर मिट गया था। बिना हिचकोले खाए, कमर तोड़े कोई सफर पूर्ण नहीं होती थी। आज उसी बिहार की सड़कों पर अजीत अंजुम सरपट भाग रहे हैं।
उसी बिहार की सड़कों पर राहुल गाँधी और तेजस्वी यादव बुलेट दौड़ा रहे हैं, जबकि इनकी पार्टियों के राज्य में बिहार के लोगों ने गड्ढों को ही सड़क मान लिया था। पर अजीत अंजुम के पोस्ट केवल सड़कों के ही बारे में नहीं बताते। ये बिहार की कानून-व्यवस्था के बारे में भी बताते हैं।
अजीत अंजुम ने लालू-राबड़ी का जंगलराज भी देखा है। वे बखूबी जानते हैं कि एक जज पुत्र होने के बावजूद उस दौर में वे बिहार में इतनी सुगमता से सफर नहीं कर सकते थे। इतना ही नहीं हर समय अनहोनी की आशंका भी बनी रहती थी। आज रात में भी बिना किसी आशंका के सफर कर सकते हैं। सड़क किनारे अपनी गाड़ी रोककर सत्तू का आनंद ले सकते हैं। यह बताता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में भी व्यापक बदलाव आया है।
बेगूसराय से पटना के लिए रवानगी से पहले सत्तू सेवन..अपनी बिहार यात्रा के दौरान कई बार हम लोगों ने सत्तू का आनंद लिया. सत्तू में नींबू, काला नमक, प्याज और हरी मिर्च के टुकड़े डालकर
— Ajit Anjum (@ajitanjum) August 24, 2025
घोंटने के बाद जो पेय पदार्थ बनता है न, वो अद्भुत होता है . pic.twitter.com/7IBXTj6jl2
नीतीश कुमार के इधर-उधर होने वाले छिटपुट कालखंडों को छोड़ दें तो बिहार के एनडीए सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि ही यही है कि कटु से कटु आलोचक भी इस बात को खारिज नहीं कर पाते कि बिहार में विकास नहीं हुआ है। उन लोगों के लिए तो ये सब कुछ स्वप्न सरीखा है, जिन्होंने लालटेन युग को ही अपनी नियति मान ली थी।
इसलिए अब कोई भी तंज कसते हुए आपसे ‘विकास’ का पता पूछे तो उसे एक बार बिहार की यात्रा पर जाने की सलाह जरूर दीजिएगा।


