शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन के मुताबिक, पूरा घोटाला 1000 करोड रुपए का है। इसमें कुछ हिंदू और कथित बेनामी संपत्तियों को भी वक्फ संपत्ति के तौर पर दर्ज करने का मामला भी शामिल है।
मद्रास हाईकोर्ट ने तमिनलाडु वक्फ बोर्ड के 240 साल पुराने दरगाह को वक्फ संपत्ति बताने के दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने दरगाह की भूमि पर पारिवारिक दावा माना।