बादल ने दावा करते हुए आरोप लगाया कि नवंबर में जब किसानों ने सिंघु बॉर्डर से दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश की तो झड़प के दौरान सुरक्षा बलों ने किसानों पर वाटर कैनन और आँसू गैस के गोले के साथ गोलियाँ चलाई।
26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।