Homeवीडियोब्रजेश पांडे, जिन्नावादी उस्मानी को कॉन्ग्रेस का टिकट: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet...

ब्रजेश पांडे, जिन्नावादी उस्मानी को कॉन्ग्रेस का टिकट: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Congress becoming Muslim League

मशकूर अहमद उस्मानी को दरभंगा के जाले से टिकट दिया गया है, तो वहीं ब्रजेश पांडे को रोहिनगंज नाम की जगह से टिकट मिला है। इन दोनों को टिकट देकर कॉन्ग्रेस ने दिखा दिया कि वो...

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कॉन्ग्रेस ने दो विवादित चेहरों को टिकट दिया है। मशकूर अहमद उस्मानी को दरभंगा के जाले से टिकट दिया गया है, तो वहीं ब्रजेश पांडे को गोविन्दगंज नाम की जगह से टिकट मिला है। इन दोनों को टिकट देकर कॉन्ग्रेस ने दिखा दिया कि वो किस विचारधारा को फॉलो कर रहे हैं। 

ये बातें और भी प्रासंगिक तब हो जाती हैं, जब राहुल गाँधी कभी बाल में सरसों तेल लगाकर, कभी राजीव गाँधी का हेयरस्टाइल अपना कर ‘देशभक्ति’ की बात करते हैं। वहीं दूसरी तरफ हाथरस की पीड़िता के परिवार से मिलने जाते हैं और टिकट सेक्स रैकेट आरोपित और जिन्नावादी को देते हैं।

उस्मानी वही शख्स है, जो 2017 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रसंघ के हॉल में जिन्ना की तस्वीर टँगे होने के कारण विवाद के बाद चर्चा में आए थे। उस समय के छात्रसंघ के अध्यक्ष उस्मानी ने बाद में कहा था कि हम जिन्ना के विचारधारा का विरोध करते हैं पर जिन्ना देश के एतिहासिक तथ्य हैं, यह भी सही है।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारती
अजीत भारती
पूर्व सम्पादक (फ़रवरी 2021 तक), ऑपइंडिया हिन्दी

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -