Homeवीडियोबिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में बिल गेट्स वाला गाँव, उस 'इवेंट मैनेजमेंट' से...

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में बिल गेट्स वाला गाँव, उस ‘इवेंट मैनेजमेंट’ से क्या हुआ? | Bill Gates took photos here

बिल गेट्स के यहाँ आए 10 साल के करीब हो गए, मगर इस गाँव की सूरत में आज भी कुछ बदलाव नहीं हुआ। तो क्या जब बिल गेट्स आए थे, तब सिर्फ इवेंट के तौर पर सब कुछ बदल गया था और फिर बाद में...

बिहार की वैसी जगहों से ऑपइंडिया लगातार आप तक ग्राउंड रिपोर्ट्स ला रहा है, जो वहाँ की असली कहानी बताती है। इसी शृंखला में आज मैं पहुँचा मुसहरों की गली में। यह गली 2011 में मीडिया की सुर्खियों में था। यहाँ की एक बिटिया, जिसका नाम रानी है, को बिल गेट्स ने गोदी में लिया था। इस गाँव का नाम जमसौत है।

बिल गेट्स के यहाँ आए 10 साल के करीब हो गए, मगर इस गाँव की सूरत में आज भी कुछ बदलाव नहीं हुआ। इस दौरान हमने जानने की कोशिश की कि जब बिल गेट्स आए थे, तब क्या सिर्फ इवेंट के तौर पर सब कुछ बदल गया था और फिर बाद में यहाँ कोई बदलाव नहीं हुआ? ऐसा लगता है कि यह गाँव अभी भी विकास से अछूता है। कई परियोजनाओं से वंचित है। आज भी यहाँ के लोग मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाते हैं।

यहाँ क्लिक कर देखिए यह वीडियो:

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत झा
अजीत झा
संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -