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संसद में अवैध रूप से घुसने के 6 आरोपितों पर UAPA के तहत चलेगा केस, उपराज्यपाल ने दी मंजूरी: सत्र के दौरान फेंका था धुएँ का कनस्तर, लंबे समय तक की थी प्लानिंग

आरोपितों ने इस घटना के लिए लखनऊ के एक मोची से विशेष जूते बनवाए थे, जिनके तलवे में 2.5 इंच गहरी जगह थी। धुएँ के केन इसी स्पेस में छिपाकर संसद में लाए गए। इनका प्रयास था कि 1929 में भगत सिंह ने जो ब्रिटिश शासन के साथ जो किया था, वही काम वो भारत सरकार के साथ कर दें।

सुरक्षा में सेंध लगाकर संसद में घुसने वाले 6 आरोपितों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत केस चलाने की मंजूरी दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दे दी है। आरोपितों के नाम- ललित झा, सागर शर्मा, मनोरंजन डी, अमोल धनराज शिंदे, नीलम रानोलिया और महेश कुमावत हैं। इन पर संसद में घुसने और लोकसभा सत्र के दौरान धुएँ के कनस्तर फेंकने के आरोप हैं।

संसद का इलाका अति संवेदनशील क्षेत्र में आता है और यहाँ हाई सिक्योरिटी रहती है। हाई सिक्योरिटी होने के बावजूद आरोपित सदन में दो लोग घुस गए थे। जिस समय उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया था, उस समय संसद का शीतकालीन अधिवेशन चल रहा था। इन लोगों ने दर्शक दीर्घा में जाकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए थे। इस दौरान दर्शक दीर्घा से दोनों आरोपित नीचे कूद गए थे।

दोनों ने कनस्तर फेंके थे, जिससे सदन में धुआँ फैल गया था। अचानक हुई घटना से सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इस पूरे मामले का साजिशकर्ता ललित झा है। ललित ने इसका वीडियो एक युवक को भेजकर कहा था, “प्रोटेस्ट किया हूँ। सर्कुलेट करो।” बवाल के बाद ललित झा ने विजय पथ पुलिस स्टेशन में आकर सरेंडर कर दिया था। बाकी आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।

धुएँ की केन छिपाने के लिए बनवाए थे विशेष जूते

इस मामले में एक हैरान करने वाली जानकारी सामने आई थी। दरअसल, आरोपितों ने इस घटना के लिए लखनऊ के एक मोची से विशेष जूते बनवाए थे, जिनके तलवे में 2.5 इंच गहरी जगह थी। धुएँ के केन इसी स्पेस में छिपाकर संसद में लाए गए। इनका प्रयास था कि 1929 में भगत सिंह ने जो ब्रिटिश शासन के साथ जो किया था, वही काम वो भारत सरकार के साथ कर दें। हालाँकि, सांसदों की तेजी के कारण ये पकड़े गए थे। इनके पास से पर्चे भी बरामद हुए थे। इन पर लिखा था- ‘प्रधानमंत्री लापता है। जो उन्हें ढूँढेगा उन्हें स्विस बैंक से पैसा मिलेगा।’

संसद में रेकी करके दिया घटना को अंजाम

संसद में हुई घटना को अंजाम देने के लिए ललित झा और उसके साथी काफी समय से प्लानिंग किया था। उन्होंने संसद भवन की 2 बार रेकी भी की थी। संसद भवन की रेकी सागर शर्मा और मनोरंजन ने मार्च और जुलाई 2023 महीने में की थी। इन्हें पहली बार में ही बड़ी सफलता मिल गई थी और वो संसद में घुसने में कामयाब भी हो गए थे।

सभी आरोपित फेसबुक पेज के माध्यम से एक-दूसरे से मिले थे। बाद में वे लंबे समय से संसद में घुसने की प्लानिंग कर रहे थे। वो लोग आपस में कई बार मिले थे और आखिरी बार गुरुग्राम में विशाल के फ्लैट में एक साथ भी रहे थे। पुलिस सूत्रों ने कहा था कि छह लोगों ने साज़िश रचकर और अच्छी तरह से किए गए समन्वय के जरिए घटना को अंजाम दिया था।

उस समय पुलिस ने बताया था कि ये सभी आरोपित इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया मंचों के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे, जहाँ उन्होंने साज़िश रची थी। यही नहीं, ये सभी 6 आरोपित संसद के अंदर जाना चाहते थे, लेकिन केवल दो को ही पास मिल पाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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