Homeविविध विषयमनोरंजनथाली में चावल और पनीर देख स्वरा भास्कर को मची चुल, कहा- बकरीद पर...

थाली में चावल और पनीर देख स्वरा भास्कर को मची चुल, कहा- बकरीद पर मत दिखाओ यह सदाचार: शाकाहारियों को बताया ‘आत्ममुग्ध’

स्वरा भास्कर का ट्वीट देखने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि वो किस लॉजिक के साथ बात करती हैं कि वेजिटेरियन गाय का दूध लेकर गलत करते हैं और नॉन वेजिटेरियन मांस खाकर सही करते हैं।

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर लंबे समय बाद फिर चर्चा में आई हैं। कारण है बकरीद के दिन किया गया उनका ट्वीट। अपने ट्वीट में उन्होंने शाकाहारियों पर सवाल खड़े किए। साथ ही वेजिटेरियन खाने वाले को आराम से रहने को कहा क्योंकि बकरीद है। उन्होंने लोगों के वेजीटेरियन होने पर सवाल उठाए और एक्स यूजर नलिनी उनागर नाम की फूड ब्लॉगर की फोटो पर कमेंट करके अपनी भड़ास निकाली।

दरअसल, नलिनी ने एक शाकाहारी खाने की थाली को तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था, “मुझे वेजीटेरियन होनेपर गर्व है। मेरी प्लेट आँसूओं, क्रूरता, पाप से मुक्त है।”

इसी पर कमेंट करते हुए स्वरा भास्कर ने लिखा, “सच कहूँ तो…मुझे वेजीटेरियन लोगों की आत्ममुग्धता समझ नहीं आती। आप लोगों की सारी डाइट गाय के नन्हें बछड़ों को उनकी माँ के दूध से वंचित करके, गायों को जबरन गर्भवती करके, फिर उन्हें उनके बच्चों से अलग कर देने और उनका दूध चुराने से बनती है। इसके अलावा आप जड़ वाली सब्जियाँ खाते हैं, इससे पूरा पौधा ही खत्म हो जाता है! बेहतर होगा आप लोग रिलैक्स करें क्योंकि आज बकरीद है!”

स्वरा भास्कर अपने इस ट्वीट में दिए तर्क के जरिए ये बताना चाहती थीं कि नॉनवेज खाना कितना सही होता है और शाकाहारी लोग बेवजह ही अपनी डाइट पर गर्व करते हैं। उनके इस ट्वीट के बाद तमाम तरह की प्रतिक्रियाएँ आना शुरू हो गईं। लोगों ने कहना शुरू किया कि स्वरा भास्कर को उड़ता तीर लेने की आदत हो गई है।

लोगों ने उनसे पूछना शुरू कर दिया तो क्या स्वरा भास्कर ये कहना चाहती हैं कि गायों का दूध लेना गलत है, लेकिन गाय को काट लेना और फिर माँस को पकाकर खाना सही है। कुछ लोग ये भी बता रहे हैं कि गाय से दूध लेने के लिए उसे काटने की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन मांसाहारियों को भोजन के लिए क्या करना पड़ता है ये सब जानते हैं इसलिए स्वरा ज्यादा ज्ञान न दें।

गौरतलब है कि स्वरा भास्कर ने पिछले साल फहाद अहमद से शादी की थी। कुछ समय बाद दोनों की बेटी हुई। हाल में स्वरा ने खुलासा किया था कि उन्हें उनके ओपिनियनों की वजह से काम मिलना बंद हो गया है। वहीं उनके शौहर भी उन्हें समझाते हैं कि स्वरा को फालतू के ओपिनियन देने के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए बल्कि फिल्मों में बतौर एक्ट्रेस काम करने पर ध्यान देना चाहिए।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

MOU के बाद भी सुस्ती में रहा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश ने फुर्ती से पकड़े मझगाँव डॉक के ₹29000 करोड़: समझिए कैसे चंद्रबाबू नायडू के...

प्रोजेक्ट में राज्य सरकार और विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी में ₹5289 करोड़ देंगे, जबकि MDL मुख्य निवेशक के रूप में ₹23964 करोड़ का निवेश करेगा।

पूरी तरह से ‘ड्राई स्टेट’ नहीं था लक्षद्वीप, 47 साल बाद सरकार ने बदले शराब के नियम: जानिए क्यों, कभी विकास परियोजनाओं के विरोध...

भारत के केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप में 47 वर्षों बाद शराब नीति में बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने लागू शराबबंदी कानून को समाप्त कर दिया है।
- विज्ञापन -