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जिस रियासी में आतंकी हमला कर 10 को मार डाला था, अब वहाँ शिव मंदिर में तोड़फोड़: अमरनाथ यात्रा के बीच वीडियो से तनाव, हिन्दुओं का प्रदर्शन

तस्वीरों के हिसाब से मंदिर की दीवालों पर लगे चित्रों को उखाड़ कर जमीन में पटक दिया गया। मंदिर में पूजा-पाठ और अन्य उपयोगी साजोसामान को एक जगह ला कर बड़े बेढंगे तरीके से फेंक दिया गया है।

जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ किए जाने का मामला सामने आया है। हमलावरों ने शिव मंदिर को अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार-रविवार (29-30 जून, 2024) की रात हुए इस तोड़फोड़ में दीवालों पर टंगी देवी-देवताओं की तस्वीरों तक को नहीं छोड़ा गया है। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। हिन्दू संगठनों ने इस हरकत पर नाराज़गी जताते हुए आक्रोश रैली निकाली है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। इस करतूत को अमरनाथ यात्रा के दौरान तनाव बढ़ाने की साजिश भी माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना रियासी के धर्ममाड़ी इलाके की है। यहाँ एक प्राचीन शिव मंदिर है जो आसपास के हिन्दुओं की आस्था का प्रतीक है। शिवरात्रि व अन्य धार्मिक अवसरों पर यहाँ काफी भीड़ जमा होती है। रविवार (30 जून, 2024) को स्थानीय लोगों ने सुबह देखा कि मंदिर में तोड़फोड़ की गई है। तोड़फोड़ के वीडियो और फोटो बनाए गए जो कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इन तस्वीरों को देखते हुए पूरे जम्मू में तनाव फ़ैल गया। रियासी में बंद का एलान कर दिया गया।

मंदिर की दीवालों पर लगे चित्रों को उखाड़ कर जमीन में पटक दिया गया। मंदिर में पूजा-पाठ और अन्य उपयोगी साजोसामान को एक जगह ला कर बड़े बेढंगे तरीके से फेंक दिया गया है। शिवलिंग को भी नुकसान पहुँचाया गया है। घटना के विरोध में रियासी जिले में सड़क पर उतर कर प्रदर्शन हुआ है। उन्होंने पुलिस से माँग की है कि वो तत्काल मामले का खुलासा करेंगे और आरोपित को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के जुर्म में फाँसी की सजा दिलाएँ। कार्रवाई के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। हालात देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बताते चलें कि 29 जून से अमरनाथ यात्रा की भी शुरुआत हो चुकी है। इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु जम्मू के रास्ते अमरनाथ पहुँच रहे हैं। ऐसे में जम्मू के रियासी में हुई इस घटना को अमरनाथ यात्रा में व्यवधान डालने व इस दौरान साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश माना जा रहा है। इस घटना के विरोध में रियासी के RSS (राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ) कार्यालय में भी एक बैठक हुई। इस बैठक के बाद एक आक्रोश जुलूस निकाला गया। इस बीच पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है साथ ही जल्द खुलासे का भरोसा भी दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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