कोलकाता गैंगरेप केस में बीजेपी की फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दी है। टीम ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसी से जाँच कराने की सिफारिश की है।
बीजेपी का कहना है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है और पुलिस की भूमिका संदिग्ध है।
The victim had submitted a handwritten complaint herself, which was later tampered with.
— BJP (@BJP4India) July 8, 2025
The name of the main accused, Manojit Mishra, whose name begins with ‘M’, was replaced with different initials.
This manipulation is evident on the face of the record.
When we raised this… pic.twitter.com/ONbTFEIcVN
बीजेपी के आरोप
बीजेपी की फैक्ट-फाइंडिंग टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्य पाल सिंह, मीनाक्षी लेखी, राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा और लोकसभा सांसद बिप्लव कुमार देब शामिल थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
FIR में छेड़छाड़- बीजेपी का आरोप है कि पीड़ित छात्रा की हाथ से लिखी शिकायत में आरोपितों के नाम मिटा दिए गए और उनकी जगह कुछ अक्षर (J, G, S, M) लिख दिए गए।
TMC पर आरोप- BJP ने कलकत्ता लॉ कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और TMC विधायक अशोक देब पर बलात्कार के आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है।
पुलिस की भूमिका- बीजेपी का कहना है कि पुलिस पीड़ित के परिवार को छिपा रही है और चौथे आरोपित सुरक्षा गार्ड से किसी को मिलने नहीं दे रही।
कानून व्यवस्था- बीजेपी नेताओं ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों और पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता जताई है। पुलिस से जब पूछा कि आरोपितों के नाम क्यों मिटाए तो उन्होंने टालमटोल किया।
जेपी नड्डा ने कहा कि यह रिपोर्ट पश्चिम बंगाल में अराजकता और महिला सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है।
Received the report by the BJP Fact Finding Team constituted to inquire into the heinous crime committed against a law student in Kolkata.
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 8, 2025
This report exposes the utter state of lawlessness in West Bengal and the state government's alarming insensitivity towards women's safety.… pic.twitter.com/KkFJhhL9uA
लोकसभा सांसद बिप्लव कुमार देब ने कहा है कि ममता बनर्जी इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लें या फिर इस्तीफा दें।
कोर्ट का रुख
कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले में तीन जनहित याचिकाओं पर पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब माँगा है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को इस मामले में शामिल क्यों नहीं किया गया।
मामला क्या था?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कसबा इलाके के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 25 जून 2025 को एक लॉ की छात्रा से कथित तौर पर गैंगरेप हुआ था।
30 जून 2025 को कोलकाता पुलिस ने बताया कि इस मामले के तीन मुख्य आरोपितों को 12 घंटे से भी कम समय में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस ने 4 जुलाई 2025 को आरोपितों को कॉलेज ले जाकर क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्ट भी किया।


