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मेरठ की जिस ‘हलाल कॉलोनी’ में हिंदुओं की ‘नो एंट्री’, उस पर गरजा योगी सरकार का बुलडोजर: अब्दुल्ला रेजीडेंसी में 300 मीटर जमीन पर अवैध कब्जा कर बन रहे थे प्लॉट

मंत्री तोमर ने कॉलोनी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी पिछले 10 सालों से विकसित की जा रही है, जिसमें केवल मुस्लिम लोगों को बसाने की योजना बनाई गई है।

हिंदू धर्म के लोगों की एंट्री पर प्रतिबंध के बाद चर्चा में आई उत्तर प्रदेश के मेरठ की अब्दुल्ला रेजीडेंसी में अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया है। इससे पहले प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने कॉलोनी के निर्माण में जाँच की माँग को लेकर मेरठ के जिलाधिकारी को पत्र लिखा था।

300 मीटर अवैध निर्माण ध्वस्त

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर डॉ. दीक्षा जोशी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जाँच समिति का गठन किया गया था। पुलिस-प्रशासन और आवास विकास परिषद की टीम ने मंगलवार (9 सितंबर 2025) को मौके पर जाकर जाँच की और करीब 300 मीटर अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है।

प्रशासन की टीम जमीन से जुड़े 8 बिंदुओं पर केंद्रित जाँच कर रही थी जिसमें जमीन की प्रकृति, कब्जा और मानचित्र जैसी चीजें शामिल थी। टीम द्वारा जब इसकी जाँच की गई तो मानचित्र के मुकाबले करीब 300 मीटर जमीन पर कब्जा पाया गया था। जिसके बाद इस पर बनी बाउंड्रीवॉल को गिरा दिया गया।

बताया जा रहा है कि इस कॉलोनी के लिए 22,000 वर्ग मीटर के मानचित्र को ही स्वीकृत किया गया था लेकिन बिल्डर ने 300 मीटर अतिरिक्त जमीन पर कब्जा जमा लिया था। कॉलोनी के निर्माण की जाँच कर रही इस टीम में सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और आवास विकास के एसई राजीव कुमार शामिल हैं। वहीं, अधिकारियों ने जाँच पूरी होने तक कुछ ही कहने से इनकार कर दिया है।

गैंगस्टर की जमीन पर बनी कॉलोनी में हिंदुओं की नो-एंट्री

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि इस कॉलोनी का निर्माण जेल में बंद गैंगस्टर शारिक की जमीन पर किया गया था। इस कॉलोनी में एक मस्जिद का निर्माण भी करा दिया गया था। मंत्री तोमर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी पिछले 10 सालों से विकसित की जा रही है, जिसमें केवल मुस्लिम लोगों को बसाने की योजना बनाई गई है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कॉलोनी में बनी मस्जिद का नक्शा वैध तरीके से स्वीकृत हुआ है या नहीं। साथ ही गैंगस्टर शारिक की जमीन शामिल होने की बात पर कहा कि इसकी गहराई से जाँच की जाएगी। तोमर ने कहा कि धार्मिक आधार पर बाँटने का प्रयास किसी भी सूरत में सफल नहीं हो पाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल्ला रेजीडेंसी में 90 प्रतिशत प्लॉट मुस्लिम लोगों को बेचे गए हैं। कॉलोनी में कुल 75 प्लॉट हैं, जिनमें सिर्फ 4 प्लॉट हिंदुओं के हैं। इस कॉलोनी के प्रोजेक्ट के दो पार्टनर हैं, मेजर जनरल जावेद इकबाल और महेंद्र गुप्ता। इस आरोपों के बाद ही मंत्री ने जाँच के लिए डीएम को पत्र लिखा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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