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मुंबई की तरह मेरठ में भी मुस्लिमों ने बनाया ‘हलाल इलाका’, अब्दुल्ला कॉलोनी में हिंदुओं की एंट्री पर रोक: UP के मंत्री बोले- गड़बड़ी मिलेगी तो गरजेगा बुलडोजर

अब्दुल्ला रेजीडेंसी में 90 प्रतिशत प्लॉट मुस्लिम लोगों को बेचे गए हैं। कॉलोनी में कुल 75 प्लॉट हैं, जिनमें सिर्फ 4 प्लॉट हिंदुओं के हैं। कॉलोनी के प्रोजेक्टर के दो पार्टनर हैं, मेजर जनरल जावेद इकबाल और महेंद्र गुप्ता।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में अब्दुल्ला रेजीडेंसी में हिंदू धर्म के लोगों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस कॉलोनी में हिंदुओं को प्लॉट बेचने पर भी पाबंदी लगाई गई है। यह भी सामने आया कि कॉलोनी को जेल में बंद गैंगस्टर शारिक की जमीन पर बनाया गया है, जहाँ मस्जिद का निर्माण भी करवा दिया गया है।

मामला सामने आने के बाद ऊर्जा राज्य मंत्री सोमेंद्र तोमर ने अब्दुल्ला कॉलोनी की उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हुए मेरठ जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। पत्र में कॉलोनी के नक्शा और मस्जिद निर्माण की जाँच की माँग की गई है। मंत्री तोमर ने कहा कि कॉलोनी में गड़बड़ी मिली तो बुलडोजर गरजेगा।

अब्दुल्ला कॉलोनी का नक्शा की वैधता पर उठे सवाल

मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री तोमर ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि अब्दुल्ला रेजीडेंसी पिछले 10 सालों से विकसित की जा रही है, जिसमें केवल मुस्लिम लोगों को बसाने की योजना बनाई गई है। तोमर ने कहा कि यह सोच पूरी तरह गलत है, किसी एक धर्म तक सीमित नहीं हो सकता।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कॉलोनी में बनी मस्जिद का नक्शा वैध तरीके से स्वीकृत हुआ है या नहीं। साथ ही गैंगस्टर शारिक की जमीन शामिल होने की बात पर कहा कि इसकी गहराई से जाँच की जाएगी। तोमर ने कहा कि धार्मिक आधार पर बाँटने का प्रयास किसी भी सूरत में सफल नहीं हो पाएगा।

अब्दुल्ला कॉलोनी में 75 प्लॉट में सिर्फ 4 हिंदू परिवार को बेचे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्दुल्ला रेजीडेंसी में 90 प्रतिशत प्लॉट मुस्लिम लोगों को बेचे गए हैं। कॉलोनी में कुल 75 प्लॉट हैं, जिनमें सिर्फ 4 प्लॉट हिंदुओं के हैं। कॉलोनी के प्रोजेक्टर के दो पार्टनर हैं, मेजर जनरल जावेद इकबाल और महेंद्र गुप्ता।

जावेद इकबाल के भाई आबिद इकबाल ने सफाई देते हुए कहा कि यह एक बिजनेस प्रोजेक्ट है, जो सभी के लिए खुला है। यहाँ अधिकतर मुस्लिम लोगों ने निवेश किया है। हिंदू खरीदार सिर्फ 10 प्रतिशत हैं। साथ ही आबिद ने मस्जिद निर्माण की बात को भी नकार दिया।

वहीं बिल्डर महेंद्र गुप्ता ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं, अब्दुल्ला रेजीडेंसी में किसी को भी प्लॉट खरीदने पर रोक नहीं लगाई गई है। गुप्ता ने कहा कि यह कॉलोनी आवास विकास की स्वीकृति से बनाई गई है। साथ ही गुप्ता ने कहा कि वे कॉलोनी की जाँच के लिए तैयार हैं।

हालाँकि, आबिद इकबाद और महेंद्र गुप्ता की बातों में कितनी सच्चाई है, यह तो जाँच के बाद ही साफ हो सकेगा। अब्दुल्ला कॉलोनी की जाँच के लिए मंत्री सोमेंद्र तोमर ने डीएम को पत्र लिखा है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कॉलोनी पर किसी भी तरीके की कार्रवाई नहीं की गई है।

मुंबई में हलाल अपार्टमेंट को लेकर भी छिड़ा था विवाद

मेरठ की तरह ही इससे पहले मुंबई के हलाल अपार्टमेंट को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। जहाँ मीरा रोड स्थित गैलेक्सी फेस-2 प्रोजेक्ट पर एक विज्ञापन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

विज्ञापन में कहा गया कि इस प्रोजेक्ट को केवल मुस्लिम लोगों को ही बेचा जाएगा। यहाँ तक 22 मंजिला इस इमारत के पहले फ्लोर पर मस्जिद और नमाज के लिए अलग जगह और दूसरे फ्लोर पर हलाल के लिए व्यवस्था तय की गई।।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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