भारत ने नाटो महासचिव मार्क रूटे के हालिया दावे को सख्ती से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार (26 सितंबर 2025) को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर जिस बातचीत की वह दावा कर रहे हैं वैसी कोई बातचीत नहीं हुई है।
मंत्रालय ने रूटे के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत और पूरी तरह आधारहीन करार दिया और उन्हें भविष्य में ऐसे बयानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी।
MEA की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच जिस तरह की फोन वार्ता का जिक्र रूटे ने किया, वह कभी हुई ही नहीं। मंत्रालय ने यह भी जोड़ा कि नाटो जैसे महत्वपूर्ण संगठन के प्रमुख को सार्वजनिक मंच पर बयान देते समय जिम्मेदारी और सटीकता दिखानी चाहिए।
दरअसल, रूटे ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर CNN को दिए इंटरव्यू में दावा किया था कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ और रूसी तेल पर अतिरिक्त शुल्क के कारण मोदी ने पुतिन से यूक्रेन युद्ध रणनीति को लेकर फोन पर बातचीत की है और स्पष्टीकरण माँगा है। इस पर भारत ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ अन्यायपूर्ण हैं और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी पहली प्राथमिकता है।
भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह यूक्रेन संकट पर शांति का समर्थन करता है और अपने राष्ट्रीय हितों व आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

