सुप्रीम कोर्ट जूता कांड अब इतिहास का पन्ना, हम आगे बढ़ चुके हैं: CJI बीआर गवई, SG तुषार मेहता ने SC के संयम को बताया प्रेरक उदाहरण

सुप्रीम कोर्ट में हुए जूता कांड के तीन दिन बाद मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। गुरुवार (9 अक्टूबर 2025) को एक सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा, “मैं और मेरे साथी जज सोमवार (6 अक्टूबर 2025) को हुई घटना से सन्न रह गए थे, लेकिन अब वह हमारे लिए बीते वक्त की बात है इतिहास का एक पन्ना।”

दरअसल, सोमवार (6 अक्टूबर 2025) को सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट राकेश किशोर ने CJI गवई के कोर्टरूम में जूता फेंकने की कोशिश की थी। उन्होंने उस दौरान ‘सनातन का अपमान नहीं सहेंगे’ का नारा भी लगाया।

पुलिस का कहना है कि वकील राकेश किशोर पिछले महीने खजुराहो में विष्णु प्रतिमा की पुनर्स्थापना से जुड़ी एक सुनवाई के दौरान CJI की टिप्पणी से नाराज थे। घटना पर सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण ने कहा कि ऐसी घटना करीब दस साल पहले भी हुई थी और तब कोर्ट ने इस तरह की परिस्थितियों में अवमानना (contempt) की प्रक्रिया को लेकर कुछ दिशा-निर्देश दिए थे।

इस पर जस्टिस उज्जल भुइयाँ ने कहा, “वे देश के मुख्य न्यायाधीश हैं, यह कोई मजाक की बात नहीं है। यह पूरे न्यायिक संस्थान पर हमला है। हम जजों के रूप में कई ऐसे फैसले लेते हैं जो सबको पसंद नहीं आते, लेकिन इससे हमारे आत्मविश्वास पर असर नहीं पड़ता।”

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी इस कृत्य को अक्षम्य अपराध बताया और कहा कि कोर्ट ने जो संयम और उदारता दिखाई, वह सराहनीय और प्रेरणादायक है। अंत में CJI गवई ने कहा, “अब यह हमारे लिए भूला हुआ अध्याय है। हम आगे बढ़ चुके हैं।”