उत्तराखंड के खटीमा में सिदारी प्रसाद दलित समुदाय के लोगों को ईसाई धर्मांतरण के लिए ब्रेनवॉश कर रहा है। सिदारी दलित लोगों को इलाज और पैसों का लालच देकर ईसाई बनाने का काम कर रहा है। हिंदू संगठन ने आरोपित के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने भी आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
मामला उधम सिंह नगर जिले के खटीमा के झनकिया थाना क्षेत्र का है। यहाँ सिदारी प्रसाद प्रार्थना सभा आयोजित कर दलित लोगों को ईसाई बनने के लिए ब्रेनवॉश करता है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के प्रखंड संयोजक जितेंद्र विश्वकर्मा ने आरोपित के खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए FIR दर्ज की। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है।
अंधविश्वास और लालच के सहारे दलितों का ब्रेनवॉश
धर्मांतरण के पीछे मिशनरियों का हाथ है और सिदारी प्रसाद भी इनसे जुड़ा हुआ है। आरोपित सिदारी प्रसाद अंधविश्वास और सामाजिक भेदभाव का लाभ उठाकर दलित लोगों को ईसाई बन सब कुछ ठीक होने का भरोसा दिलाता है। वह कहता है कि ईसाई बनोगे तो बीमारियाँ ठीक हो जाएँगी, परिवार में समस्याएँ दूर होंगी और शराब की आदत भी छूट जाएगी।
इन लोगों को प्रार्थना सभा में इकट्ठा किया जाता है, जहाँ लोगों को धर्मांतरण के लिए बेनवॉश किया जाता। ये सभाएँ हर रविवार को आयोजित की जाती हैं, जिनमें पुरानी रीति-रिवाजों का त्याग करने और हिंदू धर्म छोड़ने के बारे में उकसाया जाता है। इसके साथ ही सभा में भूत-प्रेथ जैसी भ्रमित कहानियाँ सुनाई जाती। इन लोगों को पैसों का लालच भी दिया जाता है।
खटीमा के अलावा मेलाघाट, सिसैया, बरी अंजनिया, नौसर और दियाँ जैसे इलाकों में भी मिशनरियाँ सक्रिय हैं। जो कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाती हैं और लालच देकर धर्मांतरण करने के लिए ब्रेनवॉश करती हैं।
इन प्रार्थना सभाओं के नाम पर धर्मांतरण किए जाने की सूचना हिंदू संगठन को लगी। संगठन ने मौके पर पहुँचकर आरोपित सिदारी का पर्दाफाश किया। उसके पास से ईसाई से जुड़ी पुस्तकें और प्रार्थना की सामग्री बरामद हुई। इन सबूतों के आधार पर हिंदू संगठन ने पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने दर्ज की FIR
हिंदू संगठन की शिकायत पर पुलिस ने आरोपित सिदारी प्रसाद के खिलाफ उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3 और 5, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 351(3) और धारा 352 के तहत FIR दर्ज की है।
हिंदू संगठन के खटीमा प्रखंड संयोजक जितेंद्र विश्वकर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि 24 अक्टूबर 2025 की सुबह 10 बजे उन्हें जानकारी मिली कि सिदारी प्रसाद अपने साथियों संग मिलकर अपने घर में बनी अवैध चर्च में दलित हिंदुओं का धर्मांतरण कर ईसाई बनाने का प्रयास कर रहा है।
सिदारी ने बताया कि ये सभी लोग उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से आए थे। इन्हें ईसाई रीति-रिवाज के बारे में बताया जा रहा था, जिसे वे ‘सर्वोत्तम धर्म’ बता रहे थे और धर्मांतरण कराने के लिए तरह-तरह के लालच दिए जा रहे थे। यहाँ तक कि सिदारी ने शिकायतकर्ता जितेंद्र को भी धर्मांतरण के लिए दबाव डाला।

जितेंद्र अपने साथी विशाल सिंह, आकाश राठौर और प्रदीप सिंह के साथ मिलकर सिदारी के घर पहुँचे थे। यहाँ सिदारी ने उन्हें भी परिवार सुखी होने का लालच देकर धर्मांतरण का दबाव बनाया। इसके साथ ही सिदारी ने एक ईसाई पुस्तक भी दिखाई और कहा कि इसमें ईसाई से जुड़ी अच्छी-अच्छी बातें लिखी हुई हैं, जिसे पढ़कर जीवन बेहतर हो जाएगा।
इतना ही नहीं जब जितेंद्र ने धर्मांतरण का विरोध किया तो सिदारी ने गाली-गलौज की और जान से मारने की भी कोशिश की। जितेंद्र ने कहा, सिदारी ने हिंदू अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को इस तरह बहला-फुसलाया है कि उन्हें ईसाई बनने में कोई कठिनाई महसूस नहीं हो रही है। जितेंद्र ने पुलिस से अनुरोध किया है कि सिदारी जैसे देशद्रोही गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति एवं उसके साथियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही करने की कार्रवाई की जाए।
मामले में थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र गौरव ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि फिलहाल धर्मांतरण घटना को लेकर जाँच जारी है। गौरतलब है कि सिदारी फरार है और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
(मूलरूप से यह खबर अंग्रेजी में लिखी गई है, जिसे पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)


