पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में ED टीम पर हमले का मास्टरमाइंड अबुल हसन मोल्ला गिरफ्तार, CBI ने दबोचा: यौन शोषण-जमीन हड़पने के केस में होंगे नए खुलासे

संदेशखाली यौन शोषण और जमीन हड़पने के कुख्यात मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) को बड़ी सफलता मिली है। CBI ने मंगलवार (25 नवंबर 2025) को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले से फरार आरोपित अबुल हसन मोल्ला उर्फ दुरंतो को गिरफ्तार कर लिया।

अबुल हसन मोल्ला तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के निलंबित नेता शाहजहाँ शेख का करीबी सहयोगी है और जनवरी 2024 में संदेशखाली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर हुए हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।

सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच (एसीबी) की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दुरंतो को दबोचा। एजेंसी के अनुसार, आरोपित लगातार जाँच से बच रहा था और सीबीआई के कई नोटिसों के बावजूद पेश नहीं हुआ। स्थानीय अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था।

गिरफ्तारी के बाद मोल्ला को बुधवार (26 नवंबर 2025) को बसिरहाट सब-डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया, “मोल्ला ने जाँच में सहयोग नहीं किया, इसलिए गिरफ्तारी जरूरी हो गई। मामला ईडी रेड पर हमले से जुड़ा है।”

बता दें कि ये घटनाक्रम जनवरी 2024 का है, जब ईडी टीम राशन वितरण घोटाले की जाँच के सिलसिले में शाहजहाँ शेख के घर पर छापा मारने संदेशखाली पहुँची। तभी भारी भीड़ ने ईडी अधिकारियों पर हमला बोल दिया, जिसमें मोल्ला ने कथित तौर पर भीड़ का नेतृत्व किया। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 5 मार्च 2024 को इस मामले की जाँच पश्चिम बंगाल पुलिस से सीबीआई को सौंप दी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी शाहजहाँ को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया था और वो सीबीआई के पंजे में है।

संदेशखाली कांड ने पूरे देश को हिला दिया था। उत्तर 24 परगना के इस इलाके में सैकड़ों महिलाओं ने शाहजहाँ, शिवा प्रसाद हजरा और उत्तम सरदार जैसे टीएमसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विशाल विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ झाड़ू, लाठियाँ और खेती के औजार लेकर सड़कें जाम कर रही थीं।

पीड़ितों का आरोप था कि शाहजहाँ के गुर्गे युवा और सुंदर हिंदू महिलाओं को चुन-चुनकर रातोंरात उठा ले जाते हैं और यौन शोषण करते हैं। पतियों को धमकी दी जाती कि उनके पास अपनी पत्नियों पर कोई ‘अधिकार’ नहीं। विरोध करने पर पतियों को पीटा जाता था।

ममता बनर्जी ने शुरू में महिलाओं की पीड़ा को कमतर आँकने की कोशिश की, लेकिन दबाव बढ़ने पर शाहजहाँ और अन्य आरोपित गिरफ्तार हुए। सीबीआई ने कहा, “मामले में आगे की पूछताछ जारी रहेगी, फंडिंग और अन्य लिंक्स की जाँच जारी रहेगी।”