पश्चिम बंगाल के संदेशखाली केस के मुख्य गवाह भोलानाथ घोष की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, पूर्व TMC नेता शाहजहाँ शेख से जुड़े एक मामले के लिए कोर्ट जाते समय भोलानाथ घोष की कार को हाइवे पर ट्रक ने टक्कर मारी थी जिसमें भोलानाथ के बेटे सत्यजीत घोष और कार ड्राइवर शहनूर मोल्ला की मौत हो गई थी।
गिरफ्तार आरोपितों में एक तृणमूल कॉन्ग्रेस का जिला परिषद सदस्य उत्तम सरदार और दूसरा रुहुल कुद्दुस शेख है। दोनों को बसीरहाट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 9 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि नाजाट थाना पुलिस की जाँच के दौरान इन दोनों के नाम सामने आए जबकि भोलानाथ द्वारा दर्ज कराई गई शुरुआती FIR में इनके नाम शामिल नहीं थे।
घोष ने अपनी शिकायत में कुल आठ लोगों के नाम बताए थे लेकिन अब तक उनमें से किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले का मुख्य आरोपित ट्रक चालक अलीम मोल्ला अभी भी फरार है। उत्तम सरदार को पोलरहाट थाना क्षेत्र के हातिशाला से गिरफ्तार किया गया जबकि रुहुल कुद्दुस शेख को शुक्रवार देर रात संदेशखाली के सरबेरिया इलाके से पकड़ा गया।
यह घटना बुधवार सुबह बसीरहाट-बासंती हाईवे पर हुई। पुलिस के अनुसार, एक खाली ट्रक अचानक लेन बदलते हुए सामने से आ रही मारुति ऑल्टो कार से टकरा गया। बसीरहाट के पुलिस अधीक्षक हुसैन मेहदी रहमान ने आरोपितों की भूमिका को लेकर विस्तार से जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि जाँच अभी जारी है। उनके मुताबिक, आरोपितों के नाम FIR में नहीं थे लेकिन जाँच में उनकी संलिप्तता सामने आई है।
मामले में सरकारी वकील अरुण कुमार पाल ने बताया कि दोनों आरोपितों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जाँच टीम के पास ऐसे पर्याप्त सबूत हैं, जो यह दिखाते हैं कि दोनों की इस साजिश में भूमिका थी। हालाँकि, अदालत ने आरोपितों की एक अर्जी स्वीकार कर ली, जिसके तहत उनके वकीलों को पूछताछ के दौरान मौजूद रहने की अनुमति दी गई।
पुलिस का यह भी आरोप है कि भोलानाथ घोष का राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बताए जा रहे उत्तम सरदार ने शेख शाहजहाँ मामले में होने वाली अदालत की तारीख की अहम जानकारी आगे पहुँचाई थी। इसी जानकारी के कारण घोष उस दिन बसीरहाट जाने के लिए निकले और कथित तौर पर उन पर हमला किया गया।
उत्तम सरदार को शेख शाहजहाँ का करीबी सहयोगी माना जाता है। पिछले साल फरवरी में स्थानीय महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तृणमूल कॉन्ग्रेस नेतृत्व ने 10 फरवरी को उसे ‘दुर्व्यवहार’ के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था।

