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अमेरिकी हमले के बाद डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में वेनेजुएला की कमान, SC ने बनाया अंतरिम राष्ट्रपति: जानें कौन हैं तेल से लेकर विदेश जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुकीं ‘टाइगर’

डेल्सी रोड्रिगेज लंबे समय से मादुरो की करीबी रही हैं और सरकार में अहम जिम्मेदारियाँ संभाल चुकी हैं। राजनीति और प्रशासन का उन्हें अच्छा अनुभव है, इसलिए मौजूदा संकट के समय में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है।

अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर न्यूयॉर्क ले जाए जाने के बाद वेनेजुएला में सत्ता की जिम्मेदारी डेल्सी रोड्रिगेज के हाथों में आ गई है। देश के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तत्काल अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया है ताकि प्रशासनिक कार्यों और राष्ट्रीय सुरक्षा में निरंतरता बनी रहे।

हालाँकि, मादुरो ने पहले ही कहा था कि वे देश के राष्ट्रपति हैं लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रपति पद की शपथ ले ली है और वे अमेरिका के निर्देशानुसार देश को चलाने में सहयोग कर रही हैं।

कौन हैं डेल्सी रोड्रिगेज?

डेल्सी रोड्रिगेज का जन्म 18 मई 1969 को वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हुआ। उनके पिता, जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिगेज, 1970 के दशक में लेफ्ट-विंग गेरिल्ला फाइटर और लीगा सोशलिस्टा पार्टी के संस्थापक थे। डेल्सी ने कैराकास स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ वेनेजुएला से लॉ की पढ़ाई की और बाद में विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया।

56 साल की डेल्सी रोड्रिगेज दो दशक से अधिक समय से वेनेजुएला की राजनीति में सक्रिय हैं और चैविज्म (Hugo Chavez द्वारा स्थापित राजनीतिक आंदोलन) की प्रमुख समर्थक हैं। मादुरो भी चैविज्म के अनुयायी हैं और उन्होंने 2013 में ह्यूगो चावेज की मृत्यु के बाद इसे आगे बढ़ाया है।

उनकी राजनीतिक यात्रा उनके भाई जॉर्ज रोड्रिगेज के साथ करीबी सहयोग पर आधारित रही है, जो वर्तमान में नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं। डेल्सी ने देश में कई अहम पदों पर काम किया है। 2014 से 2017 तक उन्होंने वेनेजुएला की कम्युनिकेशन और इंफॉर्मेशन मिनिस्ट्री संभाली।

इसके बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभाली, जहाँ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मादुरो सरकार का समर्थन किया और मानवाधिकार उल्लंघनों और चुनावी विवादों की आलोचना का जवाब दिया।

राजनीतिक करियर और अहम पद

डेल्सी रोड्रिगेज 2017 में प्रॉ-गवर्नमेंट कांस्टीट्यूएंट असेंबली की अध्यक्ष बनीं थी, इससे पहले 2015 में उन्होंने चुनावों में मादुरो का समर्थन किया था। 2018 में मादुरो ने उन्हें अपने दूसरे कार्यकाल में उप-राष्ट्रपति बनाया। मादुरो ने उन्हें ‘एक युवा, बहादुर, अनुभवी, क्रांतिकारी और हजारों संघर्षों में जाँची परखी महिला’ बताया है।

मादुरो के जुलाई 2024 में हुए चुनावों के विवाद के बाद 2025 में डेल्सी ने तीसरे कार्यकाल में भी उप-राष्ट्रपति पद संभाला। विपक्ष ने इन चुनावों को धोखाधड़ी करार दिया और दावा किया कि देश के वास्तविक राष्ट्रपति एम्बेसडर एडमुंडो गोंजालेज उरूतिया हैं। इसके बावजूद डेल्सी रोड्रिगेज मादुरो के शासन में लगातार बनी रहीं।

वे वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था और तेल मंत्रालय की प्रमुख भी रही हैं। अगस्त 2024 में मादुरो ने तेल मंत्रालय का काम उन्हें सौंपा ताकि वे अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद देश की सबसे महत्वपूर्ण उद्योग शाखा को संभाल सकें। उन्होंने बढ़ती महँगाई को काबू करने के लिए परंपरागत आर्थिक नीतियों को अपनाया।

राजनीतिक विशेषज्ञ जोस मैनुअल रोमानो के अनुसार, डेल्सी को मादुरो का पूर्ण विश्वास प्राप्त है। उनके पास पूरे सरकारी तंत्र और रक्षा मंत्रालय पर भी काफी प्रभाव है।

सुप्रीम कोर्ट की भूमिका

वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (3 जनवरी 2026) को डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया और आदेश दिया कि वे राष्ट्रपति के सभी अधिकारों और कर्तव्यों का निर्वहन करें। कोर्ट ने मादुरो को स्थायी रूप से अनुपस्थित घोषित नहीं किया, जिसके लिए 30 दिनों के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।

मादुरो के पकड़े जाने के तुरंत बाद डेल्सी ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री शामिल हुए। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रथम महिला की तुरंत रिहाई की माँग की और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की।

वेनेजुएला के संविधान के अनुच्छेद 233 और 234 के अनुसार, राष्ट्रपति की अस्थायी या स्थायी अनुपस्थिति में उप-राष्ट्रपति को सभी कार्यकारी जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होता है। डेल्सी ने देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर नियंत्रण रखने के कारण इस समय सत्ता के केंद्र में हैं।

डेल्सी रोड्रिगेज का प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय पहचान

डेल्सी रोड्रिगेज को कई देशों ने प्रतिबंधित किया है और पड़ोसी कोलंबिया में प्रवेश पर रोक है। वे वेनेजुएला की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय और प्रभावशाली रही हैं। मादुरो ने उन्हें उनके साहस के चलते ‘टाइगर’ का नाम दिया था।

डेल्सी ने सरकार में अपने करियर की शुरुआत 2003 में की। उन्होंने वेनेजुएला के उप-राष्ट्रपति कार्यालय के जनरल कॉर्डिनेशन विभाग में काम करना शुरू किया। 2006 में उन्होंने राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के कार्यकाल में मिनिस्टर फॉर प्रेसीडेंशियल अफेयर्स के रूप में काम किया। 2013 में मादुरो ने उन्हें कम्युनिकेशन और इंफॉर्मेशन मिनिस्ट्री का जिम्मा दिया। 2014 में वे विदेश मंत्री बनीं और वेनेजुएला में यह पद संभालने वाली पहली महिला बनीं।

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और तेल मंत्रालय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2017 में उन्होंने कांस्टीट्यूएंट नेशनल असेंबली में प्रवेश किया, जिसने मादुरो के शक्तियों को और बढ़ाया। 2018 में उन्हें उप-राष्ट्रपति बनाया गया।

वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिगेज का प्रभाव

निकोलस मादुरो को अचानक अमेरिका द्वारा पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला की कमान अब डेल्सी रोड्रिगेज को सौंप दी गई है। वह लंबे समय से मादुरो की करीबी रही हैं और सरकार में अहम जिम्मेदारियाँ संभाल चुकी हैं। राजनीति और प्रशासन का उन्हें अच्छा अनुभव है, इसलिए मौजूदा संकट के समय में उनकी भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हो गई है।

कानून, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का पक्ष रखने में वह काफी माहिर मानी जाती हैं। अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और देश में बने सत्ता के खालीपन के बीच अब डेल्सी रोड्रिगेज के हर फैसले पर न सिर्फ वेनेजुएला बल्कि पूरी दुनिया की नजर टिकी रहेगी।

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विवेकानंद मिश्र
विवेकानंद मिश्र
एक पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर। राजनीति, संस्कृति, समाज से जुड़ी अनसुनी कहानियाँ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध।

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