‘मस्जिद पर बुलडोजर चल रहा है, अब घर से निकलो’: दिल्ली में रामलीला मैदान के पास भीड़ इकट्ठा करने के लिए फैलाई गई अफवाह, हिंसा के बाद 10 उपद्रवी गिरफ्तार

दिल्ली के तुर्कमान गेट (रामलीला मैदान के पास) इलाके में भारी तनाव के बीच प्रशासन ने 4000 वर्ग मीटर से अवैध कब्जा हटा दिया है। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर हुई, लेकिन इस दौरान सोची-समझी साजिश के तहत ‘मस्जिद गिराने’ की अफवाह फैलाई गई। भीड़ को भड़काकर पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें 5 जवान घायल हो गए। पुलिस ने अब तक 10 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।

आधी रात को 32 बुलडोजरों का एक्शन

मंगलवार और बुधवार (6-7 जनवरी 2026) की दरम्यानी रात एमसीडी (MCD) की टीम 32 जेसीबी मशीनों के साथ तुर्कमान गेट (रामलीला मैदान के पास) पहुँची। कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के पास बनी अवैध दुकानों, एक डिस्पेंसरी और सामुदायिक भवन को जमींदोज किया गया। प्रशासन ने साफ किया कि कार्रवाई सिर्फ अतिक्रमण पर थी और 4000 वर्ग मीटर का इलाका साफ कर दिया गया है।

मस्जिद को लेकर उड़ाई गई झूठी अफवाह

जाँच में सामने आया है कि जैसे ही बुलडोजर पहुँचे, कुछ लड़कों ने बाइक और स्कूटी पर घूमकर यह अफवाह फैला दी कि मस्जिद गिराई जा रही है। व्हाट्सएप ग्रुप्स और सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो शेयर किए गए, जिसमें लोगों को ‘घर से बाहर निकलने’ और ‘रात काली करने’ के लिए उकसाया गया। असलियत यह है कि मस्जिद को खरोंच तक नहीं आई है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।

साजिश के तहत पथराव और गिरफ्तारी

गली के कोनों से अचानक भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थर और काँच की बोतलों से हमला कर दिया। हमलावर पहले से तैयारी करके आए थे। पुलिस ने संयम से काम लिया और 10 उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है। सीसीटीवी और बॉडी कैमरों की मदद से 4-5 संदिग्धों की पहचान भी हो चुकी है। पुलिस हेडक्वार्टर का सोशल मीडिया सेंटर उन लोगों पर नजर रख रहा है जिन्होंने भड़काऊ मैसेज फैलाए थे।

ट्रैफिक और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मलबे और सुरक्षा कारणों से जेएलएन मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड और दिल्ली गेट के आसपास भारी जाम लग सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और इन रास्तों पर जाने से बचें।