प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने पश्चिम बंगाल सेंट्रल स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के ₹700 करोड़ के सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले (कक्षा 9 से 12) में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कई अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
ED के अनुसार, ये संपत्तियाँ घोटाले में गिरफ्तार तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक जिबन कृष्ण साहा, मुख्य बिचौलिए प्रसन्न कुमार रॉय और अन्य आरोपितों से जुड़ी हैं। कुर्क की गई संपत्तियों की कुल कीमत करीब 57.78 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इनमें फ्लैट, विला और जमीन शामिल हैं।
ED, Kolkata Zonal Office has provisionally attached immovable properties belongs to Jiban Krishna Saha, MLA; Prasanna Kumar Roy and others, having a total value of approximately Rs. 57.78 Crore in the form of residential apartments, villas and land parcels located at Rajarhat,… pic.twitter.com/HlmhBC38SS
— ED (@dir_ed) January 21, 2026
ये संपत्तियाँ कोलकाता के राजारहाट, न्यू टाउन, पाथरघाटा, गरागरी और उत्तर 24 परगना जिले के आसपास के इलाकों में स्थित हैं। इसके अलावा मुर्शिदाबाद और पूर्व बर्दवान जिलों में भी कुछ संपत्तियाँ कुर्क की गई हैं, जिनमें HIDCO द्वारा विकसित इलाके भी शामिल हैं। ED का कहना है कि ये सभी संपत्तियाँ SSC शिक्षक भर्ती घोटाले से मिले अवैध पैसों से खरीदी गई थीं। एजेंसी इस घोटाले में पैसों के लेन-देन की जाँच कर रही है।
इस ताजा कार्रवाई के बाद SSC भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों में अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों की कीमत बढ़कर लगभग 698 करोड़ रुपए हो गई है। ED ने कहा है कि मामले की जाँच अभी जारी है और आगे भी इस घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

