महुआ मोइत्रा से जुड़े वायरल चैट केस में बंगाल पुलिस पहुँची नोएडा में पत्रकार के पास: BJP नेता बोले- हम खड़े हैं फ्री स्पीच के साथ

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के कथित फर्जी चैट सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में नया मोड़ आ चुका है। इस मामले में महुआ मोइत्रा ने FIR कराने की धमकी दी थी और अब इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस कथित तौर पर नोएडा पहुँची और एक पत्रकार को गिरफ्तार करने की कोशिश की।

जानकारी के मुताबिक, महुआ मोइत्रा की शिकायत पर कृष्णा नगर पुलिस कथित मुख्य आरोपित नोएडा निवासी वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत दासगुप्ता के घर पहुँची थी, जो स्वधर्म और सिर्फ न्यूज पोर्टल के संस्थापक हैं।

कृष्णानगर कोतवाली की चार सदस्यीय टीम यूपी पुलिस के साथ 10 फरवरी 2026 को नोएडा के लोटस पनाचे सोसाइटी पहुँची और दासगुप्ता को गिरफ्तार करने की कोशिश की। नोएडा पुलिस के अनुसार, दासगुप्ता घर पर नहीं थे। उनकी पत्नी ने बताया कि वे काम पर गए हैं और फोन स्विच ऑफ है। सीसीटीवी फुटेज से भी पुष्टि हुई कि कोई हिरासत नहीं हुई और बंगाल पुलिस बिना सफलता के लौट गई।

पश्चिम बंगाल पुलिस का दावा बिल्कुल उल्टा है। उन्होंने कहा कि टीम ने आरोपी को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों के फोन आने के बाद स्थानीय थाने में ले जाया गया और दासगुप्ता भाग निकले। पुलिस ने इसे राजनीतिक दखलंदाजी बताया।

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने ट्वीट कर कहा, “बीजेपी अभिव्यक्ति की आजादी के साथ खड़ी है। बंगाल में बीजेपी के सह प्रभारी अमित मालवीय जी ने अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन किया और पश्चिम बंगाल पुलिस के खुले दुरुपयोग को रोका। आयकर मामले में टैक्स चोरी के मामलों में जिस महुआ मोइत्रा को जवाब देना है, उन्होंने बंगाल में अपनी ताकत का इस्तेमाल कर वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत दासगुप्ता को जबरन गिरफ्तार करवाने की कोशिश की। बंगाल में कानून का राज नहीं, शासक का राज चल रहा है!”

अमित मालवीय ने भी बंगाल पुलिस पर क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कार्रवाई करने और अभिव्यक्ति की आजादी कुचलने का आरोप लगाया।