गाँव की हिन्दू महिलाओं का कहना है कि ये लोग सिर्फ घर में नमाज ही नहीं पढ़ते, बल्कि नमाज के बहाने भीड़ जुटती है और फिर हिन्दुओं के साथ गाली-गलौज की जाती है। हिन्दुओं को डराया- धमकाया जाता है। महिलाओं के मुताबिक, मुस्लिम कहते हैं कि अभी तो कुछ नहीं, हमारी सरकार आने दो, फिर तुम सबको यहाँ से खदेड़ देंगे। ये लोग हिन्दुओं के घरों में गंदा पानी भी फेंक देते हैं। हिंदुओं का आरोप यह भी है कि विरोध करने पर मुस्लिम पक्ष की ओर से फायरिंग भी की गई, जिससे पूरे गाँव में दहशत फैल गई।
16 जनवरी 2026 को जूम्मे के दिन भी इस मुद्दे पर विवाद हुआ था लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गाँव की 65 फीसदी आबादी हिन्दुओं की है जबकि यहाँ 35 फीसदी मुस्लिम रहते हैं।
हिन्दुओं के मुताबिक, मुस्लिम घर में ही सामूहिक नमाज पढ़ते हैं और विरोध करने पर गाली गलौज करते हैं। हिन्दुओं का कहना है कि उन्हें गाँव अब पराया लगने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गाँव में न तो कोई मस्जिद है और न ही मंदिर है। ऐसे में घरों में नमाज पढ़ने की नई परंपरा शुरू की जा रही है। इसका हिन्दू विरोध कर रहे हैं। पहले मुस्लिम नजदीक के गाँव में जाकर मस्जिद में नमाज अदा करते थे, लेकिन अब छत पर और घर में ही सामूहिक रूप से नमाज पढ़ते हैं। इसका वीडियो बना कर ग्रामीणों ने प्रशासन को भी दिया, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

